अबोहर के एक खेत में मशीन से तूड़ी बनाता किसान।
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अबोहर। पिछले वर्ष तक पंजाब के किसान कंबाइन से गेहूं की कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों में आग लगा देते थे। तूड़ी के दाम 800 से 1000 रुपये प्रति ट्राली मिल रहे थे। इस वर्ष पड़ोसी राज्य राजस्थान में आई सूखे चारे की कमी से पंजाब में तूड़ी के दाम तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। इससे एक ओर जहां अबोहर सहित आसपास क्षेत्र से बड़ी तादाद में तूड़ी राजस्थान में भंडार हो रही है वहीं पंजाब के छोटे पशु पालकों को अपने पशुओं के लिए तूड़ी नहीं मिल रही। इससे उन्होंने राजस्थान की ओर जाने वाली तूड़ी पर रोक लगाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष तक कंबाइन वाली तूड़ी के भाव 800 से 1000 रुपये प्रति ट्राली तक चल रहे थे, जिसमें 6 से 8 क्विंटल तक तूड़ी आती थी। सस्ते भाव में तूड़ी मिलने से पशु पालक सीजन में तूड़ी का भंडार कर लेते थे और वर्ष भर पशुओं का पालन करते थे। इस वर्ष राजस्थान में सरसों की फसल कम होने के कारण वहां सूखे चारे की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इसी को देखते हुए राजस्थान के व्यापारियों ने पंजाब से बड़ी संख्या में तूड़ी की खरीद शुरू कर दी है और ट्रालियों में लादकर राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के विभिन्न स्थानों पर भंडारण कर रहे हैं। अबोहर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इन तूड़ी व्यापारियों ने गेहूं कटाई से पहले ही किसानों से तूड़ी का सौदा कर लिया और अब मशीनों द्वारा तूड़ी बनाकर राजस्थान भेजी जा रही है। छोटे किसानों का कहना है कि पंजाब की तूड़ी राजस्थान में जाने से एक ओर जहां इसके भाव 1000 रुपये प्रति ट्राली से बढ़कर 3500 रुपये प्रति ट्राली तक हो गए हैं वहीं कोई भी बड़ा जमींदार छोटे किसानों को कंबाइन वाली तूड़ी देने को तैयार नहीं है। राजस्थान के तूड़ी व्यापारियों ने पहले ही इसका सौदा तय कर अग्रिम राशि जमा करवा दी है।
किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में राजस्थान के तूड़ी व्यापारी दिन रात खेतों से तूड़ी बनाकर राजस्थान भेज रहे हैं। इससे दर्जनों ट्रालियां प्रतिदिन श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ की ओर जाती देखी जा रही हैं। किसानों ने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के आसपास तूड़ी के बड़े-बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जहां से बाद में मंहगे दामों में यह तूड़ी राजस्थान भेजी जाएगी। इधर, इस बार मार्च महीने में पड़ी अधिक गर्मी के कारण गेहूं का दाना सिकुड़ गया जिससे गेहूं का झाड़ उम्मीद से काफी कम हुआ है।
इसी कारण बड़े किसान मंहगे दामों में तूड़ी बेच रहे हैं। इससे छोटे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब से बाहर तूड़ी ले जाने पर रोक लगाने की मांग
अबोहर तथा आसपास क्षेत्रों के छोटे किसानों ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि दूसरे राज्यों में जाने वाली पंजाब की तूड़ी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए अन्यथा पंजाब में सूखे चारे का बड़ा संकट पैदा हो सकता है। छोटे किसानों का कहना था कि पिछले वर्ष तक सभी बड़े जमींदार छोटे किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार तूड़ी बेचते हुए बाकी तूड़ी गोशालाओं में दान कर देते थे। इस बार न तो छोटे पशु पालकों को तूड़ी मिल रही और न ही गोशालाओं को दान दी जा रही है। ऐसे में अगर सरकार ने इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया तो गोशालाओं में भी चारा संकट पैदा हो सकता है। सरकार ने तूड़ी के दाम नियंत्रित करवाने और दूसरे राज्यों में होने वाले निर्यात पर रोक लगाने की मांग की है।
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कैप्शन: अबोहर के एक खेत में मशीन से बनाई जा रही तूड़ी।