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अवैध खनन मामला: विशेष अदालत ने नामंजूर की पूर्व सीएम चन्नी के भतीजे हनी की जमानत याचिका, दो मई को होगी अगली सुनवाई

Sat, 30 Apr 2022 04:53 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

स्वास्थ्य और केस में छूट का हवाला देकर हनी के वकील ने कहा कि जांच चल रही है, पासपोर्ट ईडी के पास है तो हनी को सशर्त जमानत दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 
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सीएम चरणजीत चन्नी के साथ भूपिंदर हनी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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अवैध खनन से मुख्यमंत्री के नाम पर करोड़ों की उगाही करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के भतीजे भूपिंदर हनी की जमानत याचिका को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को तीन घंटे तक ईडी और हनी के वकीलों की दलीलें विशेष कोर्ट ने सुनी और लंच के बाद फैसला सुनाते हुए हनी की कस्टडी को बरकरार रखा। अब 2 मई को मामले की दोबारा सुनवाई होगी।

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हनी 4 मई तक न्यायिक हिरासत में है। स्पेशल कोर्ट में ईडी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अवैध खनन से कमाया 10 करोड़ नकद जो बरामद हुआ है वह तो कुछ नहीं उन्हें खनन से 325 करोड़ रुपये कमाई के सबूत मिले हैं। उसकी जांच पूरी होने तक हनी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। उधर, स्वास्थ्य और केस में छूट का हवाला देकर हनी के वकील ने कहा कि जांच चल रही है, पासपोर्ट ईडी के पास है तो हनी को सशर्त जमानत दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 

कोर्ट में भूपिंदर सिंह हनी की जमानत याचिका उसकी पिछली पेशी के दौरान 20 अप्रैल को लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 27 अप्रैल की तारीख तय की थी। तय तारीख पर दोनों वकीलों ने पेश होकर जमानत याचिका पर अपने-अपने तर्क भी रखे, लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा कर 30 अप्रैल कर दी थी। हनी 4 मई तक न्यायिक हिरासत में है। ईडी के अधिवक्ता लोकेश नारंग ने कहा कि भूपिंदर सिंह हनी ने मुख्यमंत्री चन्नी के नाम का इस्तेमाल कर करोड़ों की वसूली की है। 10 करोड़ लेने वाले हनी के तार आगे भी बहुत जगहों से जुड़े हुए हैं। यह मामला सिर्फ 10 करोड़ का ही नहीं है, बल्कि अब तक की जांच के मुताबिक, यह बहुकरोड़ी मामला है। करीब 325 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री का नाम इस्तेमाल करके कमाए गए हैं।

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