अबोहर। विधान सभा चुनाव नजदीक आते ही सभी सियासी दलों ने अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। वहीं, इन पार्टियों की अंदरूनी कलह भी सामने आने लगी है। ऐसा ही एक मामला रविवार शाम अबोहर में हुआ। जहां आम आदमी पार्टी के दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाये।
पार्टी जिला अध्यक्ष ने अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की बात कही है। वहीं चर्चा है कि पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता दूसरे दलों से संपर्क साधने में लग गये हैं। तहसील परिसर के सामने आम आदमी पार्टी हल्का बल्लूआना के कार्यालय का उद्घाटन होना था। इस दौरान पार्टी के पूर्व जिला प्रधान और बल्लूआना हल्का इंचार्ज के समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई।
जिसमें एक पक्ष ने काली झंडियां दिखाकर कार्यालय के उद्घाटन का विरोध किया। जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी के हल्का बल्लूआना के इंचार्ज अमनदीप सिंह गोल्डी रविवार करीब 4 बजे अबोहर तहसील परिसर के सामने अपने कार्यालय का उद्घाटन करने आए थे। कार्यक्रम जारी था और गोल्डी कार्यकर्ताओं को पार्टी की योजनाओं के बारे जानकारियां दे रहे थे।
इसी दौरान पार्टी के पूर्व जिला प्रधान वरिंद्र सिंह खालसा अपने समर्थकों सहित वहां पहुंचे और काले झंडे दिखाते हुए अमनदीप गोल्डी का विरोध शुरू कर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए वरिंद्र सिंह खालसा ने गोल्डी को ठग करार दे दिया। खालसा ने दावा किया कि पार्टी हाईकमान को गलत रिपोर्ट भेजकर गोल्डी बल्लूआना हल्के के प्रभारी बन गये।
जबकि, उनका इस हल्के से कोई संबंध नहीं हैं। वह मूल रूप से फाजिल्का के निवासी हैं। खालसा ने आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पूर्व उनके ससुराल पक्ष ने गोल्डी का पैट्रोल पंप खरीदा था। सौदे के मुताबिक पूरे पैसे लेने के बाद भी गोल्डी ने आज तक पंप का कब्जा नहीं छोड़ा। वहीं कुछ दिन पहले गोल्डी की गैस एजेंसी से सिलेंडरों में कम गैस के आरोप में भारी हंगामा हुआ था।
खालसा ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ने गोल्डी को टिकट दी तो वह इसका विरोध करेंगे। मीडिया को बयान देने के बाद गोल्डी और खालसा के बीच जमकर झड़प हुई। इसके बाद गोल्डी कार्यक्रम बीच में छोड़ कर वहां से चले गये।
इधर, पार्टी के जिलाध्यक्ष दीप कंबोज ने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी। मामले की पूरी जानकारी लेकर हंगामा करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। चर्चा है कि कार्यालय उद्घाटन के दौरान हुए हंगामें के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ता दूसरी पार्टियों के पदाधिकारियों से संपर्क करने लगे हैं। उनका कहना है कि जिस पार्टी में ऐसे लोग पदों पर आसीन हैं उसमें रहने का कोई फायदा नहीं।