यूक्रेन से रवाना होने से पहले भारतीय विद्यार्थी।
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रूस-यूक्रेन के युद्ध के बीच फंसे विद्यार्थियों के माता-पिता अपने बच्चों की वतन वापसी की राह देख रहे हैं। इसी बीच पंजाब के पठानकोट के न्यू शास्त्री नगर निवासी 2 परिवारों का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। नगर की दो बेटियां सकुशल अपने घर पहुंचीं, जिसके बाद माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
बता दें, पठानकोट के न्यू-शास्त्री नगर निवासी संजीव सैनी की बेटी तनवी सैनी और नवीन मल्होत्रा की बेटी जिया मल्होत्रा सोमवार को रोमानिया के रास्ते दिल्ली और फिर मंगलवार को पठानकोट पहुंची। दोनों यूक्रेन की इवेनो फ्रांसटिक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं।
तनवी के दादा प्रीतम सैनी तथा दादी शकुंतला ने आंखें नम करते कहा कि जब से उन्हें यूक्रेन में युद्ध की जानकारी मिली, तब से पूरे परिवार की रात की नींद उड़ गई थी। उन्होंने कहा कि बेटियों की वापसी के बाद उन्हें बहुत खुशी हो रही है।
इस अवसर पर यूक्रेन के इवेनो सिटी से लौटीं तनवी तथा जिया ने कहा कि जहां पर उन्हें रखा गया था, वहां दो बार गोलियों की बौछार हुई। इस कारण वह काफी सहमी रहीं। उन्होंने उनकी देश वापसी के लिए भारत सरकार तथा पीएम मोदी का धन्यवाद किया, जिनकी बदौलत वह देश लौट सकीं हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से उन्हें बिना खर्च भारत लाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार तथा रोमानिया सरकार की ओर से उनकी बहुत सहायता की गई। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारी तरह यूक्रेन में फंसे अन्य भारतीयों की भी जल्द घर वापसी होगी।