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Bathinda: फर्जी नशा मुक्ति केंद्र पर सेहत विभाग का छापा, नशा छुड़ाने के नाम पर बीस मरीज बनाए गए थे बंधक

Sat, 03 Dec 2022 03:37 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)

सार

रणजीत सिंह और कुलदीप सिंह पिछले लंबे समय से गांव महराज में गैर कानूनी तरीके से फर्जी नशा मुक्ति केंद्र चला रहे थे। पिछले लंबे समय से चल रहे इस नशा मुक्ति केंद्र में मौजूदा समय में बीस से अधिक नशा पीड़ित दाखिल थे।
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फर्जी नशा मुक्ति केंद्र पर छापा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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डॉ. अरुण बंसल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय टीम ने शनिवार सुबह रामपुरा एरिया में गैर-कानूनी तरीके से चलाए जा रहे नशा छुड़ाओ केंद्र पर छापा मारकर वहां बंदी बनाकर रखे गए 20 मरीजों को छुड़ाया और उन्हें मानसा स्थित सरकारी काउंसलिंग एवं रि-हैबिलिटेशन सेंटर भेज दिया। टीम ने केंद्र के स्टाफ को रामपुरा पुलिस के हवाले कर दिया। एसएसपी जे इलनेचेलियन ने कहा कि पुलिस सभी आरोपियों पर केस दर्ज करेगी।

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जानकारी के अनुसार रणजीत सिंह और कुलदीप सिंह लंबे समय से गांव महराज में गैर-कानूनी तरीके से नशा मुक्ति केंद्र चला रहे थे। वर्तमान में केंद्र में 20 नशा पीड़ित दाखिल थे। इसके अलावा जो लोग पहले नशा छोड़ चुके थे उनको बतौर स्टाफ नियुक्त किया गया था। डीसी शौकत अहमद परे को जब इस गैर-कानूनी नशा मुक्ति केंद्र के बारे में किसी ने सूचना दी तो उन्होंने सिविल सर्जन को जांच का आदेश दिया। सिविल सर्जन ने डॉक्टर अरुण बंसल की अगुवाई में तीन सदस्यों की टीम का गठन किया।

स्वास्थ्य विभाग की उक्त टीम ने जब शनिवार को सुबह पुलिस को साथ लेकर उक्त फर्जी नशा मुक्ति केंद्र पर छापामरी की तो वहां दाखिल 20 से अधिक नशा पीड़ितों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भेजा और जांच में सामने आया कि जो लोग पहले नशा छोड़ चुके है वो लोग ही उक्त नशा मुक्ति केंद्र में बतौर स्टाफ काम कर रहे है। 
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डॉक्टर अरूण बंसल ने बताया कि जांच टीम ने फर्जी नश मुक्ति केंद्र के स्टाफ के 10 सदस्यों को पुलिस के हवाले करने के बाद उक्त फर्जी केंद्र को पुलिस की हाजिरी में सील कर दिया है। एसएसपी जे इलेनचेलियन ने कहा कि फर्जी नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों और स्टाफ पर केस दर्ज कर अगली कारवाई की जाएगी।

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