कुंडली बॉर्डर हत्याकांड मामले में हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पटियाला में आयोजित किसान बैठक में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कभी गांव से शहर तक न जाने वाला लखबीर सिंह मोर्चे में कैसे पहुंचा। वहां जाकर निहंग कैसे बना और कैसे निहंगों के जत्थे में शामिल हुआ, यह सब जांच का विषय है। बैठक में खेती कानूनों के तथ्यों को उजागर करने वाली एक वेबसाइट भी लांच की गई। चढ़ूनी ने कहा कि मृतक लखबीर सिंह के परिवार के मुताबिक वह फोन पर किसी संधू नाम के व्यक्ति के साथ बातें करता था। यह संधू कौन था और संधू का लखबीर से क्या संबंध था, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे किसी निहंग सिंह जत्थेबंदियों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिसने गलत किया, वह सजा भुगतेगा।
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कत्ल और मोर्चा दोनों अलग-अलग
चढ़ूनी ने कहा कि कत्ल और मोर्चा दोनों अलग-अलग हैं। चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेताओं को भगाना ही ठीक रहेगा, क्योंकि आज के जो हालात हैं, वह सब इन्हीं लोगों की वजह से हैं। मौके पर चढ़ूनी ने केंद्र सरकार को देश के कॉरपोरेट घरानों के हाथों की कठपुतली बताया। साथ ही साफ किया कि अगर ये खेती कानून लागू हो गए, तो पंजाब की किसानी व आर्थिकता तबाह हो जाएगी। उन्होंने बताया कि लांच की गई वेबसाइट के जरिये लोगों को इन खेती कानूनों व भविष्य में इनके कारण पड़ने वाले बुरे प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।
रंधावा को लखबीर हत्याकांड में गहरी साजिश का शक
वहीं, पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि कुंडली बॉर्डर पर हुआ लखबीर सिंह हत्याकांड किसानों के संघर्ष को नुकसान पहुंचाने की एक गहरी साजिश लगती है। तरनतारन के अनुसूचित जाति से संबंधित युवक के कत्ल की घटना का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने पूर्ण न्याय का वायदा किया। उन्होंने कहा कि सरकार मामले की गहराई तक पहुंचेगी और असली साजिशकर्ताओं को बेनकाब करेगी। वायरल हुए फोटो से पता चलता है कि निहंग नेताओं में से एक नेता के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से गहरे संबंध हैं।
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हत्याकांड ने लिया अलग मोड़
उन्होंने कहा कि इस खुलासे के मद्देनजर हत्याकांड ने अब अलग मोड़ ले लिया है। वहीं, निहंग नेता अब लखबीर सिंह की हत्या के मुख्य दोषी को बचाने की कोशिशें कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति परिवार से संबंधित लखबीर सिंह गांव चीमा कलां का रहने वाला था और गरीब परिवार से था। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि उसे कुंडली सरहद पर कौन लेकर गया और किसने दिल्ली तक उसकी यात्रा का खर्च किया।
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निहंग नेता क्यों मिले तोमर से, बताना होगा
उन्होंने कहा कि लखबीर के पास रोटी के लिए भी पैसे नहीं थे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को उन कारणों की जांच करने की हिदायत की, जिन कारणों से लखबीर चीमा कलां गांव से कुंडली बॉर्डर गया। रंधावा ने कहा कि निहंग नेता को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ अपनी मुलाकात का कारण बताना होगा। यह भी बताना होगा कि क्या उनको तीन खेती कानूनों के विरुद्ध मुहिम का नेतृत्व कर रहे किसान यूनियनों की तरफ से ऐसा करने का आदेश दिया गया था।