दिल्ली आंदोलन से लौटे संघर्षशील किसानों का शनिवार को पंजाब की धरती पर कदम रखते ही जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली से शंभू बॉर्डर पहुंचने पर एक विमान ने किसानों पर फूलों की बौछार की। विमान की व्यवस्था एक अनिवासी भारतीय ने की थी। वहीं हरियाणा से सटे पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर जिले के दर्जनों गांवों के लोग, बच्चे और महिलाएं सुबह से ही डटे थे और दोपहर बाद दिल्ली आंदोलन से लौटे किसानों व महिलाओं का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भाकियू के प्रतिनिधियों को फूलमालाएं पहनाई गईं और किसान आंदोलन के हक में जोरदार नारेबाजी करके एकता का परिचय दिया गया।
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कृषि कानून रद्द होने और मोर्चा फतह होने की संयुक्त किसान मोर्चे को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से गेट लगा कर किसानों का पंजाब आने पर स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री चन्नी मोरिंडा स्थित अपनी रिहायश पर पंचायतों को मिलने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पंचायतों की समस्याएं सुनी। पत्रकारों से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि पूर्ण कर्ज माफी के बारे में केंद्र सरकार के साथ बात कर इसमें सहायता करने की मांग की जा रही है।
दिल्ली से फतेह मार्च कर भारतीय किसान यूनियन कादियां से संबंधित सभी किसान जिला प्रधान जगसीर सिंह छनीवाल की अगुवाई में घर लौट आए। बरनाला में भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान जगसीर सिंह छीनीवाल व एक वर्ष मोर्चे में शामिल रहने वाले बापू मेजर सिंह को लोगों और आप विधायक मीत हेयर की तरफ से फूलों के हार पहनाकर स्वागत किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा का दिल्ली बॉर्डर से चला फतेह मार्च शनिवार को बुढ़लाडा से होता हुआ पंजाब में दाखिल होगा। इस फतेह मार्च के स्वागत की सभी तैयारियां कर ली गई हैं। फतेह मार्च का स्वागत हंडिआया में किया जाएगा। किसानों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर लगाया धरना भी अपने अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ रहा है। मोर्चे के राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले के अनुसार 15 दिसंबर को धरने का अंतिम दिन होगा।