डीसी कार्यालय के बाहर धरना देते किसान।
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शूगर मिल फगवाड़ा की तरफ से किसानों को गन्ने की बकाया राशि करीब 48 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इसके विरोध में वीरवार को भारतीय किसान यूनियन दोआबा के सदस्यों ने जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में डीसी कार्यालय के सामने धरना दिया। किसानों ने इस दौरान शूगर मिल मालिकों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि शूगर मिल की तरफ से किसानों को जल्द गन्ने की बकाया राशि की अदायगी न की गई तो आने वाले दिनों में नेशनल हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन के प्रदेश प्रधान मनजीत सिंह राय, उपप्रधान किरपाल सिंह, सचिव सतनाम सिंह साहनी, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के जिला प्रधान सरवण सिंह बाऊपुर, किसान यूनियन खोसा के नेता बलविंदर सिंह ने धरने को संबोधित किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि जिला प्रशासन कपूरथला व पंजाब सरकार के संबंधित विभाग बीते 4 वर्षों से किसानों को गन्ने की बकाया राशि दिलाने में नाकाम साबित हुए हैं। इस कारण मजबूरन उन्हें रोष धरना देना पड़ा। बकाया राशि में 27 करोड़ रुपये सीजन 2021-22 का बकाया है। वहीं, सीजन 2023-24 का लगभग 20 करोड़ रुपये और राशि का कानून मुताबिक ब्याज किसानों को नहीं मिल रहा। गन्ना सीजन खत्म हुए को 5 माह बीत चुके हैं, बावजूद किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
शूगर मिल फगवाड़ा की जायदाद को नीलाम करने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और न ही शूगर मिल मालिकों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जा रही गई। गन्ने की बकाया राशि न मिलने से किसानों का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
किसान नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की है कि 15 दिनों के अंदर उन्होंने बकाया राशि ब्याज समेत जारी करवाई जाए, नहीं तो शूगर मिल फगवाड़ा का पूरा कंट्रोल खुद करें। धरने में शामिल किसानों के लिए संत महापुरुष संत बाबा लीडर सिंह सैफलाबाद की ओर से लंगर व बलविंदर सिंह मजादपुर की अगुवाई में चाय-पानी की सेवा की गई।