बठिंडा में सीएम के होर्डिंग पर कालिख लगाते किसान।
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बठिंडा में किसानों को गुलाबी सुंडी से बर्बाद फसल का मुआवजा देने के बारे में लगे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो वाले फ्लेक्स बोर्ड बुधवार को किसानों ने फाड़ दिए और उन पर कालिख पोत दी। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले किसानों ने एलान किया कि हर रोज सरकार के खिलाफ नया एक्शन किया जाएगा। इसके अलावा जब तक किसानों को बर्बाद हुई कपास की फसल का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
बुधवार को तीसरे दिन में धरने के दौरान मौजूद किसानों ने शहर के बस स्टैंड और अन्य जगहों पर मुख्यमंत्री चन्नी की फोटो लगे बोर्ड पर कालिख पोती और उसके बाद उन्हें फाड़ दिया गया। किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में जहां मुख्यमंत्री चन्नी की फोटो वाले किसानों से संबंधित विज्ञापन पोस्टर लगे हैं, उन सभी पर कालिख पोत कर फाड़ दिए जाएंगे।
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किसान नेता ने कहा कि जब प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा नहीं दिया तो ऐसे में सरकार को कोई अधिकार नहीं कि वह किसानों की फोटो उपयोग कर मुख्यमंत्री की फोटो के साथ विज्ञापन पोस्टर लगाए। उन्होंने कहा कि अब नींद में सो रही प्रदेश सरकार को जगाने के लिए किसानों की ओर से हर रोज नया एक्शन लिया जाएगा।
किसानों के धरने के कारण पूरा कामकाज प्रभावित
पिछले तीन दिन से मिनी सचिवालय के चारों तरफ चल रहे किसानों के धरने के कारण सभी विभागों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। पुलिस विभाग के अधिकारियों की तरफ से चाहे पुलिस लाइन में अपना कार्यालय बनाकर कामकाज किया जा रहा है, पर अन्य विभागों के कर्मचारी और अधिकारियों का काम पूरी तरह प्रभावित हुआ। इसके अलावा तहसील कांप्लेक्स में रोज कमाई कर परिवारों को चलाने वाले लोगों का काम भी पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। मिनी सचिवालय चारों तरफ से बंद होने के कारण वहां काम करवाने आने वाले लोगों का काम प्रभावित हो चुका है।