अबोहर में सीतो रोड स्थित गांव राएपुरा के पास गुरुवार सुबह मलूकपुरा माईनर में करीब 50 फुट चौड़ा कटाव आ गया जिससे सैकडों एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। नहर टूटने का पता चलते ही मौके पर पहुंचे नहरी विभाग के अधिकारियों ने पानी का बहाव कम करवाते हुए कटाव बांधने का काम शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन ने इस घटना के लिए नहरी विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन खोसा ग्रुप के प्रांतीय सदस्य गुणवंत सिंह ने बताया कि मलूकपुरा माईनर में काफी चौड़ा कटाव आने से करीब 300 एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई है। उन्होंने इस नुकसान के लिए नहरी विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इसी नहर से रामसरा माईनर को पानी जाता है। जबकि नवीनीकरण होने के कारण रामसरा माईनर बंद की हुई है। इधर कुछ दिन पहले ही खत्म हुई नहरबंदी के बाद विभाग ने इस नहर में पूरा पानी छोड़ दिया और रामसरा माईनर बंद होने के कारण मलूकपुरा नहर ओवरफ्लो हो गई। उन्होंने बताया कि ओवरफ्लो नहर के बारे में बार-बार सूचना देने पर भी विभाग ने पानी का बहाव कम नहीं किया और पानी का दबाव अधिक होने के कारण इस नहर में कटाव आ गया। इतना ही नहीं अगर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस ओवरफ्लो नहर की ओर ध्यान देते तो करीब 300 एकड़ गेहूं की फसल तबाह होने से बच सकती थी। उन्होंने पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
नहर टूटने की सूचना मिलते ही नहरी विभाग के एक्सईएन सुखजीत सिंह रंधावा के नेतृत्व में नहरी विभाग के कर्मचारी जेसीबी लेकर कटाव भरने के लिए पहुंचे लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। एक्सईएन ने बताया कि शाम तक नहर में पानी का बहाव कम होते ही इसकी मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।