पंजाब पुलिस के अधिकारी बेशक चंडीगढ़ में बैठ नशे के खिलाफ बड़ी बड़ी मुहिम चलाने के दावे कर रहे हैं, पर जमीनी स्तर पर सच कुछ ओर है। बठिंडा में चिट्टा तस्कर जगमीत सिंह भरी अदालत से हथकड़ी समेत गुरुवार को फरार हो गया था। पुलिस ने उसे आधे घंटे में पकड़ तो लिया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही इस मामले को एसएसपी जे इलेनझेलियन के ध्यान में लाया गया। अमर उजाला के खुलासे के बाद एसएसपी ने दावा किया कि वे इस मामले में कार्रवाई करेंगे।
नारकोटिक्स सेल और थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद अपने ही स्तर पर मामले को दबा दिया। जबकि कानून अनुसार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जाना था और ड्यूटी में कोताही करने वाले एएसआई गुरमुख सिंह और कांस्टेबल गुरप्यार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस के बडे़ अधिकारियों को लिखा जाना था।
नारकोटिक्स सेल के सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपी जगमीत भागा जरूर था लेकिन पुलिस ने उसे अदालत से कुछ दूरी पर पकड़ लिया था। थाना सिविल लाइन के एसएचओ इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपी तस्कर के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि आरोपी तस्करी जगमीत सिंह के खिलाफ पहले भी थाना सिविल लाइन में गंभीर क्राइम करने का केस दर्ज है। इस बारे में पुलिस के अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे।