पंजाब में नशा कई जिंदगियां लील गया है। अभी भी नशे से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हुई है। युवक की मौत के लिए उसके दोस्त जिम्मेदार हैं। क्योंकि उसके दो दोस्तों ने उसे नशे का टीका लगाया था, जिसके बाद से युवक कोमा में था। लगभग एक हफ्ते तक युवक ने जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी, लेकिन वह जिंदा नहीं बच पाया। अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे लुधियाना के गांव कैले के जतिंदर सिंह (32) ने रविवार को सुधार के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
थाना सुधार की पुलिस ने शनिवार को ही जतिंदर के पिता गुरपाल सिंह के बयान पर कैले गांव के नवदीप सिंह उर्फ नवी और हलवारा के एक अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं आरोपी नवी को गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। नवी ने अभी तक अज्ञात दोस्त का नाम पुलिस को नहीं बताया है।
वहीं, थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने मृतक जतिंदर के पिता गुरपाल सिंह और पंचायत को मामले की धारा में इजाफा करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा है। जतिंदर का शव सराभा अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। सोमवार को लुधियाना के सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम होगा।
उधर, डीएसपी दाखा जतिंदरपाल सिंह ने कहा कि वह थाना सुधार के प्रभारी से बात करेंगे। जतिंदर की मौत हो जाने के बाद गैर इरादतन हत्या की धारा 304 जोड़ा जाना जरूरी है। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं, क्योंकि नशे का टीका लगाने की धारा 328 जांच के बाद ही लगाई गई थी, अब उसमें 304 जोड़ दी जाएगी।