अमलोह में हादसे में मारे गए विद्यार्थी।
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अमलोह के गांव रायपुर चौबदरां में मंगलवार की शाम पुराने मकान की छत ढहाने के लिए मजदूरी पर गए तीन दोस्तों समेत चार लोगों पर डाट वाली छत गिर गई। मलबे में दबकर दो दोस्तों की मौत हो गई है। तीनों दोस्त बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं और मंगलवार को पेपर देने के बाद छत ढहाने के लिए मलकीत सिंह नामक व्यक्ति के साथ गए थे।
मृतकों की पहचान जश्नप्रीत सिंह, गुरसिमरनप्रीत सिंह निवासी गांव सलाना दुल्ला सिंह वाला अमलोह के तौर पर हुई है। हादसे में घायल तीसरा दोस्त गुरसेवक सिंह का इलाज पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में चल रहा है। वहीं मलकीत सिंह अमलोह के सिविल अस्पताल में दाखिल है। गांव सालाणा दूला सिंह वाला के सरपंच गुरप्रीत सिंह गुरी और पंच जतिंदर सिंह ने बताया कि गांव रायपुर चौबदरां में मलकीत सिंह नामक व्यक्ति अपने साथ जश्नप्रीत सिंह, गुरसिमरनप्रीत सिंह और गुरसेवक सिंह को निर्भय सिंह के पुराने मकान को ढहाने के लिए लेकर गया था। मकान पुराना एवं डाट से बना था।
मकान ढहाते समय सभी पर छत गिर गई। इससे तीनों दोस्त और मलकीत सिंह मलबे में दब गए। गांव के लोग सभी को मलबे से निकालकर सिविल अस्पताल अमलोह ले आए। वहां डॉ. जयदीप ने जश्नप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। गुरसिमरनप्रीत सिंह की इलाज के दौरान बुधवार को पटियाला में मौत हो गई है। गुरसिमरनप्रीत, गुरसेवक सिंह और जसनप्रीत सिंह बारहवीं के विद्यार्थी हैं और मंगलवार को पेपर देने के बाद गांव रायपुर चौबदरां में पुराने मकान को ढहाने के लिए मजदूरी पर गए थे। घटना संबंधी डीएसपी अमलोह सुखविंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
दस लाख की आर्थिक मदद देने की मांग उठी
हलका अमलोह से अकाली दल के इंचार्ज गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मृतकों के परिवारों को 10 -10 लाख की आर्थिक मदद और जख्मी गुरसेवक सिंह सालाणा व मलकीत सिंह के इलाज के लिए छह लाख रुपये तुरंत जारी करने की मांग की है। इसके अलावा मृतकों के परिवारों के गुजारे के लिए एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।