चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर बंदी सिखों की रिहाई व बहिबल कलां मामले में दोषियों की गिरफ्तारी और इंसाफ की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने सात जनवरी से पक्का मोर्चा लगा रखा है। बुधवार को मोर्चा में समर्थन देने पहुंचे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी पर लौटते समय मोर्चे में मौजूद लोगों ने हमला कर उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ डाले। इसके बाद वे अपनी टूटी गाड़ी में ही सवार होकर वहां से निकले।
कौमी इंसाफ मोर्चा में डटे लोग बंदी सिखों की रिहाई, बेअदबी और बहिबल कलां गोलीकांड के दोषियों को सख्त सजा और पाकिस्तान से व्यापार का रास्ता खोलने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में रोजाना ही इस मोर्चा में सिख जत्थेबंदियों के नेता पहुंचकर मोर्चा को समर्थन देते हैं। बुधवार को एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी दोपहर को करीब एक बजे मोर्चे में पहुंचे। यहां पर मोर्चा में एक घंटा बैठने के बाद जब वह लौटने लगे तो उनकी गाड़ी पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान उनकी गाड़ी का पिछले वाला हिस्सा पूरी तरह तोड़ दिया गया। वह ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे। हमला होता देख ड्राइवर ने गाड़ी को मौके से भगा लिया।
मौजूद लोगों का कहना है कि प्रधान धामी पर हमला नहीं किया गया। लोगों ने उन्हें सवाल करने के लिए रोका था लेकिन उनके गनमैन ने संगत को धक्का मारा और धामी को उनके गनमैन ने गाड़ी में बंद कर दिया था। धक्का-मुक्की होने के कारण लोगों को गुस्सा आ गया। इस कारण लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया।
सुखबीर बादल ने हमले की निंदा की
शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने बुधवार को मोहाली में एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर हुए हमले की निंदा की और इसे एसजीपीसी व पंथक संस्थानों को कमजोर करने की गहरी साजिश करार दिया है। शिअद अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के कृत्य खालसा पंथ को कमजोर करने की हताशा है। पंथ में अराजकता और गृहयुद्ध पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पंथ इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्यों की अनुमति नहीं देगा और सभी बंदी सिंहों की जल्द रिहाई के लिए सब कुछ करने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल और एसजीपीसी इस संबंध में अपने कार्यक्रमों को जारी रखेंगे। अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना से राज्य में कानून-व्यवस्था की पोल खुल गई है।