पंजाब के फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में शनिवार को एक मरीज की मौत के बाद भड़के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साएं परिजन व अन्य लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ की पिटाई भी कर डाली। बताया जा रहा है कि ट्रेन की चपेट में आकर घायल युवक की इलाज के दौरान मौत होने के बाद उसके परिजन तथा साथ आए लोग भड़क गए थे।
हालांकि फगवाड़ा सिविल अस्पताल में डॉक्टर तथा स्टाफ पर हमला करने वाले लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। लेकिन इस मामले को लेकर कपूरथला जिले के सभी सरकारी अस्पताल में भी डॉक्टर रोषपूर्वक ओपीडी बंद कर हड़ताल पर चले गए। उधर, थाना सिटी फगवाड़ा में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी अनुसार नवांशहर को जाने वाले रेलवे ट्रैक के पास एक युवक अनुज सिंह निवासी गुरु तेग बहादुर नगर फगवाड़ा सुबह करीब आठ बजे ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया था। उसके सिर पर गंभीर चोटें आई थी। युवक के परिजन उसे तुरंत सिविल अस्पताल फगवाड़ा में ले आए।
ड्यूटी पर तैनात डॉ. आशीष जेटली ने युवक की गंभीर हालत देखकर उसे लुधियाना या फिर किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कहा, लेकिन परिजन नहीं माने और डॉक्टर को इलाज के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर डॉक्टर ने घायल को इलाज देने के लिए स्टिच लगाने शुरू किए थे कि अचानक उसने दम तोड़ दिया।
जब ड्यूटी डॉक्टर ने युवक की मौत के संबंध में परिजनों को बताया तो वे भड़क गए और उन्होंने उन पर आरोप लगाते हुए डॉक्टर तथा स्टाफ के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इस मारपीट में डॉ. आशीष जेटली को भी गंभीर चोटें आई हैं और वह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हैं।
वहीं खबर सुनते ही एसएमओ डॉ. कमल किशोर समेत सभी चिकित्सकों ने अपना काम स्थगित कर दिया और डॉ. जेतली के समर्थन में धरने पर बैठ गए। घटना की सूचना मिलते ही फगवाड़ा के एसडीएम डॉ. अमरदीप थिंद, डीएसपी जसप्रीत सिंह और एसएचओ अमनदीप नाहर स्थिति को शांत करने सिविल अस्पताल पहुंचे।
पीसीएमएस के पूर्व प्रधान डॉ. आकाश दीप सिंह सोही ने बताया कि फगवाड़ा में डॉक्टर तथा स्टॉफ पर हमले के विरोध में उन्होंने शनिवार को जिले के लगभग 100 से अधिक डॉक्टर तथा स्टाफ ने हड़ताल रखी थी, जोकि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने के बाद खत्म कर दी। आगे का फैसला स्टेट बॉडी के पदाधिकारियों के आदेश पर होगा।
उनकी मांग है कि सभी सिविल अस्पताल में डॉक्टर स्टाफ के लिए सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। थाना सिटी फगवाड़ा के एसएचओ सब इंस्पेक्टर अमनदीप नाहर ने बताया कि डाक्टर के बयान पर जयप्रकाश सिंह, ओमप्रकाश, अनूप सिंह, रितु देवी और रंजू देवी सभी निवासी गुरु तेग बहादुर नगर फगवाड़ा समेत तीन अज्ञात लोगों पर डॉक्टर व स्टाफ से मारपीट, सरकारी काम में विघ्न डालने समेत कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।