साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित तीनों घटनाओं में चार्जशीट डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की बुधवार को पंजाब के फरीदकोट सीजेएम की अदालत में पेशी हुई। अदालत के निर्देश के मुताबिक राम रहीम ने रोहतक की सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में अपनी हाजिरी लगवाई।
बचाव पक्ष की तरफ से चार्जशीट की कापियां मांगी गई और अदालत ने सुनवाई 16 मई तक स्थगित करते हुए सरकारी पक्ष को अगली सुनवाई के समय कापियां उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इस दौरान इन घटनाओं में जमानत पर चल रहे डेरा सिरसा के 7 अनुयायी भी अदालत में हाजिर रहे और राम रहीम की तरफ से पैरवी करने के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ व बठिंडा समेत फरीदकोट के वकीलों का पैनल पहुंचा हुआ था।
जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस की एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी से जुड़ी तीनों घटनाओं गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरूद्वारा साहिब से श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी करने (एफआईआर नंबर 63), इसी गुरूद्वारा साहिब के बाहर विवादित पोस्टर लगाने (एफआईआर नंबर 117) व बरगाड़ी के गुरूद्वारा साहिब के बाहर पावन स्वरूप की बेअदबी करने (एफआईआर नंबर 128) के मामलों में डेरा सिरसा प्रमुख को भी चार्जशीट किया हुआ है।
चार्जशीट किए जाने के बाद डेरा प्रमुख ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थी, जिनका निपटारा होने के बाद बुधवार को फरीदकोट की अदालत में उनके खिलाफ सुनवाई शुरू हो गई, जिसमें वह पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। बचाव पक्ष के वकील केवल सिंह बराड़ ने बताया कि उन्होंने अदालत से तीनों केसों की चार्जशीट की कापियां मांगी थी, जिसके लिए 16 मई की तारीख तय की गई है।
इसके अलावा उन्होंने इन मामलों में पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय से मिली अग्रिम जमानत के तहत डेरा प्रमुख की निचली अदालत में जमानत भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं बचाव पक्ष के वकील विनोद मोंगा ने कहा कि एसआईटी के पास इन घटनाओं के बारे में नामजद किए गए डेरा अनुयायियों व डेरा प्रमुख के खिलाफ कोई सुबूत ही नहीं है बल्कि एसआईटी की तरफ से उच्च न्यायालय की हिदायतों की अनदेखी की जा रही है।
चूंकि उच्च न्यायालय ने इन घटनाओं की जांच सीबीआई से वापिस लेकर पंजाब पुलिस को सौंपते हुए आदेश दिए थे कि पंजाब पुलिस की तरफ से एफआईआर नंबर 63 में अनूपूरक चालान दाखिल करेगी जिसमें सीबीआई जांच के तथ्य भी शामिल किए जाए लेकिन पंजाब पुलिस ने सीबीआई के तथ्यों को शामिल नहीं किया। मालूम होकि सीबीआई ने अपनी जांच में डेरा अनुयायियों को क्लीन चिट दे दी थी।
जेएमआईसी से सीजेएम कोर्ट में तबदील हुए बेअदबी केस
बरगाड़ी बेअदबी से जुड़े तीनों केसों की जेएमआईसी की अदालत में सुनवाई चल रही थी और पिछली सुनवाई के समय जेएमआईसी की अदालत ने ही डेरा प्रमुख के प्रोडक्शन वारंट जारी किए थे लेकिन बुधवार को इन तीनों केसों को सीजेएम कोर्ट में तबदील कर दिया गया।
हालांकि इस बारे में यह जानकारी नहीं मिल पाई कि आखिरकार इन केसों को किस आधार पर जेएमआईसी से सीजेएम कोर्ट में भेजा गया है। इस बारे में बचाव पक्ष के वकील केवल सिंह बराड़ ने कहा कि उन्हें भी अदालत में पहुंच कर जानकारी मिली कि इन केसों की सुनवाई सीजेएम कोर्ट में होगी।