गोयल परिवार के पड़ोसी महिला शिकांती ने बताया कि जब हादसा हुआ तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया था। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहा था। जब गोयल कोल्ड डि्रंक स्टोर के बाहर लोग गिर रहे थे तो पड़ोसी महिला घर के अंदर चली गई कि घर के लोगों को जल्द बाहर बुला कर उन्हें बचाए, लेकिन कुदरत को यह मंजूर नहीं था। उन्होंने तुरंत बच्चे को उठाया और बाहर की तरफ दौड़ पड़ी। इसी दौरान वह महिला भी वहां गिर गई। शिकांती ने बताया कि मेरे देवर राज कुमार ने महिला से बच्चा लेकर मुझे पकड़ा दिया और महिला को टेंपो में डालकर नजदीकी अस्पताल ले गया। सारा दिन बच्चा मेरे पास रहा। जब पता चला कि आर्यन की मौसी और अन्य रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए हैं तो उन्होंने आर्यन उन्हें सौंप दिया।