पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सैकड़ों युवाओं से सेना में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले बहुचर्चित फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप सिंह उर्फ पीरु उर्फ सरवण सिंह उर्फ संदीप सिंह गिल वासी नूरपुर बेट जिला लुधियाना के खिलाफ थाना जोधा(पंजाब) में करीब 28 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
15 महीने की लंबी जांच के बाद अब जिला ग्रामीण पुलिस के नवनियुक्त एसएसपी राज बचन सिंह संधू की ओर से मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज इंस्पेक्टर हीरा सिंह को सौंपी थी। इसके बाद रविवार को पीरु के खिलाफ धारा 420 और 406 में मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि 16 जुलाई, 2020 को करीब 150 युवाओं को ठगने के मामले में पीरु के खिलाफ जिला लुधियाना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न थानों में शिकायत दी गई थी।
घटना के 15 महीने बाद सिर्फ 34 पीड़ितों की शिकायत पर पहली कार्रवाई हुई है। थाना जोधा में पीड़ित चनण सिंह वासी फल्लेवाल की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में 34 पीड़ितों से करीब 28 लाख रुपये ठगने की बात सामने आई है। हालांकि पीरु के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन पंजाब में उसके खिलाफ यह दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है।
गौरतलब है कि इससे पहले लुधियाना के थाना लाडोवाल में 20 जून, 2020 को तरनतारन के मंजीत सिंह की शिकायत पर पीरु और उसकी पत्नी मंदीप कौर के खिलाफ 12.50 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। पीरु इन दिनों उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ सेंट्रल जेल में कैद है। उसके खिलाफ 4 अगस्त, 2020 को अलीगढ़ के थाना इगलास में सेना में भर्ती के नाम पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
पीरु को यूपी पुलिस ने 10 अगस्त, 2020 को गांव भीलपुर के समीप नाकाबंदी कर गिरफ्तार कर लिया था। पीरु के खिलाफ यूपी अलीगढ़ के थाना इगलास में गांव कुंडवारा के रमेश कुमार की शिकायत पर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया गया था। तब से पीरु अलीगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है।
यह भी पढ़ें : राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सके दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला
यह था मामला
16 जुलाई, 2020 को दोपहर 1 बजे करीब 150 युवाओं के सेना की वर्दी में एयरफोर्स स्टेशन हलवारा के मुख्य द्वार पर पहुंचने से हड़कंप मच गया था। वायु सेना सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला तो सभी युवा फरार होने लगे। सुधार पुलिस की मदद से करीब 10 वर्दीधारी युवाओं को पकड़ कर थाना सुधार लाया गया तो उनकी सच्चाई सुनकर सबके होश उड़ गए थे। पीरु ने इन सभी युवाओं को सेना और वायुसेना में भर्ती के जाली अप्वाइंटमेंट लेटर और वर्दी देकर एयरफोर्स स्टेशन हलवारा बुलाया था। पीरु ने इन युवाओं को भरोसा दिया था कि हलवारा स्टेशन से हवाई जहाजों के जरिये उन्हें उनकी पोस्टिंग की जगह पहुंचाया जाएगा। तय समय और तारीख पर पीरु नहीं पहुंचा और फरार हो गया।
अमर उजाला ने 17 जुलाई को इस खबर को प्रमुखता से छापा था, जिसके बाद सरकार भी एक्शन में आ गई थी। अमर उजाला ने 18 जुलाई को खुलासा कर दिया था कि सरवण सिंह के नाम पर 2002 में सेना की 152 टीए बटालियन में भर्ती ठग पीरु सेना से 2016 में बर्खास्त कर दिया गया था। अपने भाई सरवण सिंह के सर्टिफिकेट और उसी के नाम पर सेना में भर्ती हुए ठग का असली नाम प्रदीप सिंह पीरु है। 2016 तक पीरु अपने भाई के नाम पर ही नौकरी करता रहा। इस पूरे मायाजाल में पटियाला के गांव जीवनपुर की महिला भी पीरु की सहयोगी रही है।