पंजाब के कपूरथला के गांव जयरामपुर में कोठी के अंदर बने कमरे में आग लगने से मां-बेटे जिंदा जल गए। आग लगने से कमरे की कच्ची छत भी गिर गई। थाना सुभानपुर की पुलिस ने जांच शुरू कर दी। फिलहाल आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक टीम ने सैंपल ले लिए हैं।
थाना सुभानपुर के एसएचओ सबइंस्पेक्टर अमनदीप नाहर ने बताया कि सोमवार सुबह 11:30 बजे किसी ने उन्हें सूचना दी कि गांव जयरामपुर में एक कोठी के अंदर बने कमरे से धुआं उठ रहा है। वह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। अंदर से कुछ जलने की बदबू आ रही थी। कमरा अंदर से बंद था। किसी तरह दरवाजा खोला गया। अंदर एक बुजुर्ग महिला और एक व्यक्ति का जला हुआ शव मिला और छत का मलबा गिरा पड़ा था। उन्होंने बताया कि जांच के बाद पता चला कि यह कोठी शिव सिंह की है, जिसका पूरा परिवार कनाडा में रहता है।
पिछले करीब पांच-छह साल से यहां पर शिव सिंह की बहन 73 वर्षीय हरभजन कौर और उसका 50 वर्षीय बेटा हरिंदर सिंह मूल निवासी भगवानपुर बतौर केयर टेकर रह रहे थे। रविवार की रात को भी दोनों आम दिनों की तरह सो रहे थे। रात को अचानक कमरे में आग लग गई और दोनों की जलने से मौत हो गई। एसएचओ के अनुसार आग कैसे लगी, इसके बारे में कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है। इसका पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने सैंपल ले लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जांच के दौरान किसी विवाद की वजह से आग लगाने की बात सामने नहीं आई है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। एसएचओ ने बताया कि हरभजन कौर यहां छह साल से रह रही थी। करीब तीन माह पहले उसका बेटा हरिंदर सिंह उसके साथ यहां रहने लगा। उससे पहले हरभजन कौर का पोता उसके साथ रहता था। डीएसपी भुलत्थ संदीप सिंह मंड ने कहा कि प्राथमिक जांच में तेल आदि से आग लगने जैसा कुछ प्रतीत नहीं हुआ है। यह एक्सीडेंटल केस लग रहा हैं, जिस आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। किसी ने आग लगाने का शक भी जाहिर नहीं किया है।
मां का सिर और बाजू हुआ राख, बेटे का 30 प्रतिशत शव ही बचा
थाना सुभानपुर के एसएचओ सब-इंस्पेक्टर अमनदीप नाहर ने बताया कि मृत बुजुर्ग महिला का सिर व बाजू जलकर राख हो चुका है। बाकी बचा शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बेटे का शरीर तो केवल 30 प्रतिशत ही बचा है।