पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में पहुंचाई जा रही कथित हेरोइन की पेमेंट से जुड़े हवाला नेटवर्क की जांच अब रायकोट तक पहुंच गई है। जगराओं के कारोबारी कपिल गर्ग से पूछताछ के बाद सामने आई कड़ियों के आधार पर जांच एजेंसियों ने रायकोट के मनी एक्सचेंजर एवं किरयाना कारोबारी हरीश कुमार को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, गिरफ्तारी और बरामदगी को लेकर एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सोमवार को एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (एएनटीएफ), एसटीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने ग्रीन सिटी स्थित हरीश कुमार के घर पर कार्रवाई की। टीम ने कई घंटे तलाशी ली और दस्तावेजों समेत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड खंगाले। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और मोबाइल फोन भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया।
दुबई के रास्ते पाकिस्तान तक पेमेंट पहुंचाने का दावा
जांच सूत्रों के मुताबिक, पशु खुराक कारोबारी कपिल गर्ग से पूछताछ में कथित हवाला नेटवर्क और विदेशों में होने वाले लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले। बताया जा रहा है कि हवाला के जरिए दुबई के रास्ते पाकिस्तान में पेमेंट पहुंचाए जाने की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी है कि हरीश कुमार की कथित भूमिका इस वित्तीय नेटवर्क में किस स्तर तक थी और उसके विदेशों में किन लोगों से संपर्क थे।
12.35 किलो हेरोइन से शुरू हुई जांच, 250 किलो से ज्यादा की तस्करी का इनपुट
मामले की जांच मार्च 2026 में अमृतसर क्षेत्र में बीएसएफ द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 12.35 किलो हेरोइन बरामद किए जाने के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद संदिग्ध मोबाइल नंबरों, कॉल डाटा और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी। सूत्रों के अनुसार, जांच में अलग-अलग खेपों के जरिए 250 किलो से अधिक कथित हेरोइन की तस्करी और उससे जुड़े भुगतान का इनपुट सामने आया है। मामले में अब तक 18 आरोपित नामजद किए जाने और 13 की गिरफ्तारी की जानकारी है।
नकदी और सोने की बरामदगी का दावा, आधिकारिक पुष्टि बाकी
तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और कुछ सोना मिलने की चर्चा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बरामद नकदी को दो वाहनों में रखा गया। हालांकि, इन बरामदगियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों की ओर से अधिकृत विवरण सामने आने के बाद ही वास्तविक बरामदगी स्पष्ट होगी। जांच टीम को मोबाइल से कई महत्वपूर्ण नंबर मिलने की भी बात सामने आई है। इनमें कुछ बड़े अधिकारियों के नंबर होने का दावा किया जा रहा है।
पुराने मामले की भी जांच
जांच एजेंसियां करीब दो वर्ष पुराने एक मामले की कड़ियां भी खंगाल रही हैं। उस समय गर्ग परिवार के ठिकानों पर कार्रवाई में करीब 72 लाख रुपये नकद बरामद होने और कपिल गर्ग के पिता पवन गर्ग की गिरफ्तारी की बात सामने आई थी। मौजूदा ड्रोन-हेरोइन और कथित हवाला नेटवर्क से उस मामले का सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी बाकी है। फिलहाल एजेंसियों का फोकस कथित ड्रग नेटवर्क की सप्लाई चेन, हवाला भुगतान, विदेशों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।