चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में मकान नंबर-575 में बीते बुधवार को ग्रेनेड हमला करने के मुख्य आरोपी रोहन मसीह को पंजाब पुलिस के स्टेट ऑपरेशन सेल ने शुक्रवार को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल बरामद की गई। आरोपी अमृतसर के गांव पासिया का रहने वाला है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में हमला करने की बात कबूल की है। डीजीपी ने बताया कि आईएसआई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर रिंदा के इशारे पर अमेरिका से गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया ने इस हमले का प्लान बनाकर इससे अंजाम तक पहुंचाया। आईएसआई ने पासिया के गुर्गों को ड्रोन के जरिये हथियार व पैसे मुहैया करवाए। एआईजी स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रोहन और उसका साथी पहले अमृतसर गए और फिर दोनों अलग-अलग हो गए।
पाकिस्तान भागने की फिराक में था हमलावार
जांच में सामने आया है कि आरोपी रोहन पिछले कुछ वर्षों से जम्मू-कश्मीर में काम कर रहा था। एक ही गांव का होने के कारण वह हैप्पी पासिया को जानता था। हैप्पी ने वित्तीय सहायता देने का वादा कर रोहन को हमला करने के लिए राजी किया था। रोहन ने बताया कि हैप्पी ने उनके लिए पैसे और लॉजिस्टिक्स का प्रबंध भी किया था। जानकारी के अनुसार रोहन जम्मू-कश्मीर जाने की तैयारी में था। वहां से उसका पाकिस्तान जाने का प्लान था, लेकिन पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूर्व आईपीएस जसकीरत चहल पर पहले भी की गई थी हमले की प्लानिंग
एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि चंडीगढ़ की जिस कोठी पर हैंड ग्रेनेड हमला हुआ है, वहां पहले किराये पर पंजाब पुलिस के रिटायर्ड आईपीएस एवं पूर्व एसएसपी जसकीरत सिंह चहल परिवार के साथ रहते थे। आईएसआई और बीकेआई ने इससे पहले भी पूर्व आईपीएस चहल पर हमला कराने का प्रयास किया था। उस समय पंजाब पुलिस ने इस प्रयास को विफल करते हुए दो गुर्गों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान बिक्रमजीत सिंह उर्फ राजा निवासी बटाला और बावा सिंह मजीठा के रूप में हुई थी।