एयर टिकट की कालाबाजारी से विदेश में स्टडी के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को जमकर लूटा जा रहा है। केंद्र व पंजाब सरकार स्टूडेंट्स की लूट करने वालों को लाइसेंस देकर बैठी है। हालात यह है कि जो एयर टिकट महज 50 हजार में उपलब्ध होती है, वह दिसंबर, अगस्त व अप्रैल माह में 2.5 लाख रुपये में बिकती है। दरअसल, सारा खेल माफिया खेल रहा है, जिसमें करोड़ों के वारे न्यारे हो रहे हैं लेकिन इसका शिकार पंजाब के विद्यार्थी बन रहे हैं।
एयर टिकट से इस खेल में पूरा माफिया सक्रिय है। उड़ान वाली कंपनी से एकमुश्त एयर टिकट कई माह पहले ही थोक में बुक करवा दी जाती है। अगर अगस्त में स्टूडेंट्स की भीड़ लगने वाली है तो थोक विक्रेता जनवरी फरवरी में ही हजारों सीट एक साथ बुक करवा लेते हैं और कंपनी को पेशगी अदा कर देते हैं। ऐसे में उनको टिकट 50 हजार रुपये से भी कम में पड़ती है लेकिन जब अगस्त माह आता है तो टिकट 2.5 लाख तक बेची जाती है और इसका सीधा असर उन अभिभावकों की जेब पर होता है जो लाखों रुपये खर्च कर बच्चों को स्टडी के लिए भेजते हैं।
वीजा काऊंसलर मंजीत कौर का कहना है कि विद्यार्थी भी क्या करें, उनको मजबूरी में टिकट खरीदनी पड़ती है। दूतावास व कॉलेज चार माह पहले ही दाखिला खोलते हैं, आईलेट्स व प्रोसेसिंग में दो माह का वक्त लग जाता है। इन दिनों कनाडा का स्टडी वीजा भी देरी से आ रहा है, जब चंद दिन शेष रह जाते हैं तो अचानक से टिकट मजबूरी में मुंह मांगे दाम पर खरीदनी ही पड़ती है।
पंजाब भाजपा के कार्यकारिणी के सदस्य अमित तनेजा का कहना है कि यह एक चिंता का विषय है। उनको भी काफी शिकायतें मिल चुकी हैं। वह जल्द ही केंद्रीय मंत्री को इस बाबत पूरी शिकायत बनाकर भेजेंगे ताकि विद्यार्थियों को लुटने से बचाया जा सके।
डिप्टी कमिशनर जसप्रीत सिंह का कहना है कि हम जल्द ही एयर टिकट की कालाबाजारी पर चेकिंग करेंगे और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। मालूम हो कि तमाम एजेंट व एयर टिकट विक्रेता पंजाब सरकार से पंजीकृत हैं और ऐसे में सरकार की तरफ से उनकी रैगुलर चेकिंग का प्रावधान भी है।
जालंधर के रेलवे रोड का रहने वाला एक स्टूडेंट्, जिसकी कक्षा सितंबर माह की पांच तारीख को शुरू होने जा रही हैं, दो लाख रुपये की टिकट खरीदकर कनाडा गया। हालांकि मई से लेकर जुलाई तक इस टिकट का दाम 50-70 हजार रुपये था लेकिन अगस्त में इसको दो लाख में खरीदा।