खन्ना में रेलवे ट्रैक जाम करने से यात्री परेशान रहे। शंभू बार्डर के पास करीब सात किमी का लंबा वाहनों का जाम लगा रहा। भारत बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए सरकार की ओर से सूबे के 11 जिलों में विशेष सतर्कता रखी गई। इन जिलों में सरकार की ओर से विशेष पुलिस बल की तैनाती के साथ ही आरपीएफ भी तैनात की गई थी। राज्य से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं प्राप्त हुई। शाम चार बजे आंदोलनकारी ट्रैक व रास्ते से हट गए। इससे लोगों को राहत मिली।
किसानों के समर्थन में आया पंजाब मंत्रिमंडल
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रस्ताव पास करके किसानों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता प्रकट की। चन्नी ने कहा कि यह कानून किसानों की रोजी-रोटी और उनकी भावी पीढ़ियों के लिए खतरा है।
ये ट्रेने हुईं रद्द
- अमृतसर से हरिद्वार 2054
- अमृतसर से पठानकोट 4489
- अमृतसर से नंगल डैम 4537
- अमृतसर से नई दिल्ली 2030
- पठानकोट से अमृतसर 4490
- मोगा से नई दिल्ली 4082
- अमृतसर से नई दिल्ली 4068
- पठानकोट से नई दिल्ली 4078
आठ ट्रेनें 10 घंटे की गईं लेट
पंजाब से जाने वाले 8 प्रमुख ट्रेनों के समय को रि-शेड्यूल किया गया। जिसके कारण ट्रेन 10 से 12 घंटे लेट हुईं। ट्रेनों के समय में परिवर्तन के कारण माता वैष्णो देवी कटड़ा से अंबेडकर नगर एमपी 12 घंटे, अमृतसर से मुंबई जाने वाली ट्रेन 12.30 घंटे, जम्मूतवी से अहमदाबाद 12 घंटे तक लेट कर दी गईं। वहीं फिरोजपुर मंडल ने 18 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया। पटरियों पर किसानों के होने के कारण 14 ट्रेनों का संचालन ही रद्द करना पड़ा।
दिल्ली, अंबाला और फिरोजपुर डिवीजन में 20 स्थानों पर किसानों ने रेलवे यातायात प्रभावित किया। इसके कारण ट्रेनों के संचालन में परेशानी आई। हालांकि देर शाम को किसानों ने पटरियों से धरना हटा दिया है, जिसके बाद सभी स्थानों पर संचालन रोज की तरह सामान्य हो गया है। शशिकृष्ण मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तरी रेलवे।
केंद्र का रवैया बदल नहीं रहा है। इसके कारण किसानों को बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो आंदोलन अभी और भी उग्र होगा। सुखदेव सिंह उगराहां, महासचिव भारतीय किसान यूनियन उगराहां।