जालंधर का पंजाब प्रेस क्लब का उद्घाटनी समारोह अरूसा आलम और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहली सार्वजनिक मुलाकात का गवाह रहा है। जब अरूसा पहली बार कैप्टन के साथ देखी गई थीं। कैप्टन ने विशेष तौर पर अरूसा को मंच पर बुलाकर पास बैठाया था। इसके बाद अरूसा को लेकर चर्चा शुरू हुई और पता चला कि वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी पत्रकार मित्र हैं। वे कैप्टन को पाक दौरे के दौरान मिली थीं। अरूसा 2017 में हुए अमरिंदर सिंह के शपथ ग्रहण में उन चंद लोगों में शामिल थीं, जिनके लिए कैप्टन ने विशेष व्यवस्था की थी। 2017 में भी कैप्टन की तरफ से अरूसा को बुलाया गया था।
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वीडियो होते रहे हैं वायरल
केंद्र सरकार ने बाकायदा एजेंसियों से पूरी जांच करवाने के बाद वीजा दिया था। इसके बाद अरूसा लगातार पंजाब में रहीं और उनकी मंत्रियों के अलावा डीजीपी दिनकर गुप्ता व विनी महाजन के साथ उनकी तस्वीरें वायरल हुई थीं। पंजाब की कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना भी अरूसा के साथ तस्वीरों में दिखाई देती रही हैं। अकसर वीडियो वायरल होते रहे, जिसमें अरूसा पंजाब के मंत्री राणा सोढी समेत कई दिग्गजों के साथ दिखाई देती थीं, लेकिन कैप्टन ने कभी भी कुछ नहीं छिपाया।
कभी मुद्दा नहीं बनीं अरूसा आलम
17 साल से लगातार अरूसा और कैप्टन के बीच दोस्ती का रिश्ता बना रहा। इस दौरान होने वाले तमाम चुनाव में अरूसा कभी मुद्दा नहीं बनीं। विरोधी दल शिअद व आप ने कभी अरूसा को लेकर चुनाव में कैप्टन को नहीं घेरा। इतना ही नहीं, अमृतसर लोकसभा चुनाव में अरुण जेटली व कैप्टन के बीच मुकाबले में भी अरूसा का नाम सुना नहीं गया। कैप्टन ने भी अरूसा से अपनी दोस्ती को कभी नहीं छिपाया। बताया जाता है कि कैप्टन जब दूसरी बार सीएम बने तो शिमला के पास मशोबरा में अरूसा के साथ जन्मदिन मनाया। दोनों की दोस्ती की चर्चा अमरिंदर सिंह की बायोग्राफी ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह द पीपल्स महाराजा’ में एक अध्याय में है, जिसे मशहूर पत्रकार खुशवंत सिंह ने लिखा है।
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अगस्ता-90बी पनडुब्बी सौदों पर अरूसा ने दी थी रिपोर्ट
अरूसा आलम को अगस्ता-90बी पनडुब्बी सौदों पर अपनी रिपोर्ट के लिए जाना जाता है, जिसके कारण 1997 में पाकिस्तान के तत्कालीन नौसेना प्रमुख मंसूरुल हक की गिरफ्तारी हुई थी। आरूसा, अकलीम अख्तर की बेटी हैं, जिन्हें 70 के दशक में पाकिस्तान की ताकतवर महिला माना जाता था। उन्हें जनरल रानी के नाम से जाना जाता था, क्योंकि पाकिस्तान के तीसरे राष्ट्रपति के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे।
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पाक नागरिक को आसानी से नहीं मिलता वीजा
2010 में अमरिंदर की किताब ‘द लास्ट सनसेट’ के विमोचन के दौरान अरूसा को दिल्ली में देखा गया था। अरूसा को लेकर एजेंसियां सक्रिय हुईं, लेकिन आईबी व अन्य खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद अरूसा को भारत का लगातार वीजा दिया गया। हालांकि उस दौरान भारत में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी। सूत्रों की मानें तो पाक नागरिक को वीजा देने की प्रक्रिया काफी जटिल है और इसमें आईबी, रॉ के अलावा बीएसएफ की इंटेलिजेंस सर्विस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट मंगवाई जाती है, जिसके आधार पर ही वीजा जारी किया जाता है।