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बंदी सिंहों की रिहाई के लिए करेंगे सांझा संंघर्ष, एसजीपीसी की ओर से आयोजित पंथक बैठक में लिया फैसला-

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अमृतसर के तेजा सिंह समुंदरी हॉल में संबोधित करते एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी। - फोटो : AMRITSAR
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एसजीपीसी की ओर से आयोजित पंथक बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सांझा संघर्ष शुरू करने का फैसला लिया गया। पंथक जत्थेबंदियों की यह बैठक श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर एसजीपीसी कमेटी दफ्तर स्थित तेजा सिंह समुंद्री हॉल में हुई। बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनके अनुसार एक संयुक्त कमेटी स्थापित करने, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों को मिलने और जरूरत पड़ने पर कड़ा संघर्ष करने की सहमति दी गई।
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इसके साथ ही संसद में सिख सदस्य चाहे, वे किसी भी पार्टी के साथ संबंध रखते हों, को दोनों सदनों में बंदी सिंहों की रिहाई के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की गई। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि इस संबंधी कमेटी जल्द गठित कर ली जाएगी। इसमें सभी पक्षों के सदस्य शामिल होंगे। जेलों में बंद सिख कैदी अपनी निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे, बल्कि कौम युद्ध के चलते जेलों में बंद है। बिना शर्त बंदी सिंहों को तुरंत रिहा जाया जाए। दमदमी टकसाल के मुखी बाबा हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि सिख पंथ को आगे बढ़ाने के साथ-साथ निर्णायक फैसले लेने चाहिए।
बंदी सिंहों की रिहाई के बाद ही दम लेंगे : सुखबीर बादल
वहीं शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई करवाने के बाद ही दम लेंगे। अकाली दल ने हमेशा ही सिख जत्थेबंदियों के लिए आवाज उठाई है।
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बादल ने बुधवार को यह बात एसजीपीसी की ओर से तेजा सिंह समुंद्री हाल में बुलाई अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों की पंथक बैठक के बाद कही।
सुखबीर बादल ने कहा कि बंदी सिंहों को जेलों में 27-27 साल हो चुके हैं। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान ने संत जरनैल सिंह भिंडरावाला की तस्वीर तेजा सिंह समुद्री हाल और एसजीपीसी दफ्तर में लगाए जाने की दोबारा मांग की।
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