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पनग्रेन के दो इंस्पेक्टरों ने दो दिनों में कर दी 2600 मीट्रिक टन धान की खरीद

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अमृतसर। सरकारी गेहूं को लेकर जंडियाला गुरु में गड़बड़ी के मामले के बाद अब पनग्रेन के दो इंस्पेक्टरों द्वारा मंडी में धान की खरीद में बड़ा घोटाला करने का मामला सामने आया है। जिला खाद्य व आपूर्ति के कंट्रोलर और पनग्रेन के डीएम राज रिशी मेहरा की चौकसी से इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जंडियाला गुरु की मंडी में धान की खरीद के लिए तैनात पनग्रेन के दो इंस्पेक्टरों ने 2 और 3 नवंबर में 2600 मीट्रिक टन धान की खरीद दिखा दी। इतनी बड़ी खरीद की रिपोर्ट मिलने पर पनग्रेन के डीएम मेहरा को संदेह हुआ, तो उन्होंने मंडी की फोटो मंगवाई तो वहां धान की एक भी ढेरी नहीं मिली। वे तुरंत जंडियाला गुरु की मंडी में पहुंच गए। हैरान हुए कि इंस्पेक्टरों ने धान की खरीद की रिपोर्ट तो 2600 मीट्रिक टन की दी मगर यहां धान की ढेरी एक भी नहीं।
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आजकल मंडियों में धान की सरकारी खरीद हो रही है और अधिकारी इस पर लगातार रखे हुए हैं। खाद्य आपूर्ति के कंट्रोलर व पनग्रेन के जिला मैनेजर राज रिशी मेहरा ने इसके लिए अलग-अलग मंडियों में पनग्रेन के इंस्पेक्टरों की तैनाती की हुई है ताकि धान की खरीद के काम को जल्द पूरा किया जा सके। इसके तहत ही इंस्पेक्टर नवकिरण सिंह और बिक्रमजीत सिंह को जंडियाला गुरु की मंडी में धान की खरीद के लिए तैनात किया गया है।
पनग्रेन के इंस्पेक्टर नवकिरण सिंह और बिक्रमजीत सिंह ने दो दिन में 2600 मीट्रिक टन धान की खरीद दिखा दी। इन अधिकारियों ने पनग्रेन के डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया कि 2 नवंबर की शाम तक 1000 मीट्रिक टन और 3 नवंबर की शाम तक 1600 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इंस्पेक्टरों द्वारा 3 नवंबर की शाम 7 बजे भेजी उक्त रिपोर्ट ने डीएम के कान खड़े कर दिए।
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मंडी में घूमकर देखा तो एक भी ढेरी नहीं लगी थी : डीएम
पनग्रेन के डीएम राज रिशी मेहरा ने बताया कि जैसे ही रिपोर्ट के बाद फोटो मंगवाए, तो उन्हें देखकर वे हैरान रह गए। वे तुरंत जंडियाला गुरु की मंडी में पहुंच गए। उन्होंने मंडी के चारों तरफ घूम कर देखा तो उन्हें वहां धान की एक भी ढेरी नहीं मिली। यह जानकारी उन्होंने स्टेट ग्रुप में डालते हुए विभागीय सेक्रेटरी को सूचना दे दी, जिसके बाद मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी। अगर एक ढेरी में 1000 मीट्रिक टन धान हो तो वहां धान की 26 ढेरियां होनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें वहां एक भी ढेरी नहीं मिली।
विजिलेंस ने शुरू की जांच
इसकी जानकारी मिलते ही विजिलेंस की टीम जंडियाला गुरु मंडी में पहुंच गई। विजिलेंस अधिकारियों ने इंस्पेक्टरों द्वारा दिखाई गई धान की खरीद संबंधी बिलों व अन्य रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह टीम दोनों इंस्पेक्टरों के बयान दर्ज कर रही है। वहीं दूसरी तरफ इसकी जानकारी मिलने पर डीसी ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
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