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Amritsar News: मोर्चरी में रखे शव को लावारिस समझकर करवा दिया अंतिम संस्कार

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नारेबाजी करते पाररिवारिक सदस्य। - फोटो : GURDASPUR
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बटाला। बटाला सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही रविवार को देखने को मिली जब सड़क दुर्घटना से हुई मौत के बाद मोर्चरी में रखे एक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव लावारिस समझकर अंतिम संस्कार के लिए रेलवे पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं रेलवे पुलिस ने व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। थाना सदर एसएचओ सुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि इस मामले में बटाला सिविल अस्पताल के एसएमओ और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धारा 201 (सबूत मिटाने) के तहत केस दर्ज किया है। बता दें कि रेलवे पुलिस ने ट्रैक के पास मिले एक लावारिस शव को शिनाख्त के लिए बटाला के अस्पताल की मोर्चरी में रखा था। रेलवे पुलिस उसी शव को लेने आई थी, जिसकी जगह दूसरा शव सौंप दिया गया।
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रविवार को सुबह मृतक सुखविंदर सिंह 55 निवासी गांव घसीटपुर, का शव उसके वारिसों को मोर्चरी में नहीं मिला। जब पारिवारिक सदस्यों को पता चला कि उनके बुजुर्ग सुखविंदर का शव किसी अन्य का शव समझकर रेलवे पुलिस को सौंप दिया गया और संस्कार भी कर दिया है। इसके बाद पारिवारिक सदस्यों ने सिविल अस्पताल में हंगामा कर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने सिविल अस्पताल में प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर मृतक सुखिवंदर सिंह निवासी घसीटपुर के भाई भूपिंदर सिंह ने बताया कि उसके भाई सुखविंदर सिंह की शनिवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, इसलिए पोस्टमार्टम के लिए सुखविंदर सिंह का शव सिविल अस्पताल बटाला की मोर्चरी में रखा था। जब वह रविवार को सुबह अपने भाई सुखविंदर सिंह का शव लेने पहुंचे तो मोर्चरी से शव गायब था। इसके बारे में उन्होंने तुरंत एसएमओ सिविल अस्पताल को सूचित किया, मगर चार घंटे तक उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।
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वहीं घटना के संबंध में एसएमओ डॉ. रविंदर सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की सूचना मिल गई है। जांच पड़ताल करवाई जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों का एक बोर्ड गठित किया है, जो इस मामले की जांच करेगा। वहीं एसएमओ ने बताया कि उनके विभाग की तरफ से कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी थी और रेलवे पुलिस को शव को सौंप चुके थे। उन्होंने माना कि गलती से मृतक सुखविंदर सिंह का शव लवारिस समझकर रेलवे पुलिस ले गई और संस्कार कर दिया।
वहीं सिविल सर्जन गुरदासपुर डॉ. कुलविंदर कौर ने बताया कि घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे मामलों में तीन विभाग जिम्मेदार होतें हैं, जिसमें सेहत विभाग, रेलवे पुलिस और पंजाब पुलिस शामिल हैं। वह मामले की जांच करवाएंगी और जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ उनकी पूरी हमदर्दी है।
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