कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ध्यान सिंह मंड को बुधवार को पत्र के जरिये स्पष्टीकरण भेजा है लेकिन कैप्टन के स्पष्टीकरण से पांच सिंह साहिबान संतुष्ट नहीं हैं।
कांग्रेस सरकार के पांच विधायकों ने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामले में बड़गाड़ी में लगाए मोर्चे को हटाए जाने की बात कहते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा सिख जत्थेबंदियों से किया था लेकिन कार्रवाई में उनके असफल रहने पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने पांच विधायकों को पेश होने को कहा था। विधायकों ने इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिर पर डाल दी थी। इसके बाद कैप्टन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मामला अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन है।
कार्यकारी जत्थेदार ने विधायकों से दोबारा की जवाब तलबी
पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के स्पष्टीकरण से पांच प्यारे संतुष्ट नहीं हुए तो श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ने एक बार फिर उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तीन विधायकों हरमिंदर सिंह गिल, सकुलबीर सिंह जीरा और कुशलदीप सिंह ढिल्लों से दोबारा जवाबतलबी की है।
गृह मंत्री रंधावा को दिया पांच दिसंबर तक का समय
कार्यकारी जत्थेदार मंड ने कहा कि अब सुखजिंदर सिंह रंधावा राज्य के उप मुख्यमंत्री हैं और गृह मंत्रालय भी उनके पास है। इसलिए वे इस मामले में अच्छे तरीके से जांच करवाएं। इसके लिए उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा 5 दिसंबर 2021 तक का समय दिया गया है। अगर तब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो श्री अकाल तख्त साहिब से उनके खिलाफ हुकमनामा भी जारी किया जाएगा।