'अर्जुन' के साथ विभाग के अधिकारी।
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पर पाकिस्तान से आई देश की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन की खेप (532 किलो) पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्निफर डॉग ‘अर्जुन’ ने कस्टम कमिश्नरेट को अलविदा कह दिया है।
विभाग ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्निफर डॉग को विदाई पार्टी दी गई और विशेष रूप से फूलों से सजी गाड़ी से अर्जुन को विदा किया। इस अवसर पर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर बलबीर सिंह मांगट और सहायक कमिश्नर चंदन कुमार भी उपस्थित रहे।
कस्टम विभाग की पॉलिसी के मुताबिक स्निफर डॉग को नौ साल की आयु के बाद सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। अर्जुन के रिटायर्ड होने पर उसके अपने हैंडलर मंगल सिंह ने ही उसे अपना लिया। विभाग ने पूरी जिंदगी की देखभाल व अन्य खर्चों के लिए 14 हजार रुपये पेंशन देने का फैसला किया है। कस्टम कमिश्नर राहुल नानगरे ने नौ साल की सेवा के बाद विभाग से रिटायर्ड होने वाले स्निफर डॉग अर्जुन को दो स्टार देकर सम्मानित भी किया।
आईसीपी अटारी व देश के अन्य पोर्ट के अधिकारी कस्टम विभाग के इस स्निफर डॉग को नहीं भूल सकेंगे। क्योंकि 29 जून 2019 को पाकिस्तान से आईसीपी अटारी के जरिये नमक की खेप के अंदर छिपाकर लाई गई 532 किलो हेरोइन को पकड़वाया था।
तत्कालीन विभागीय कमिश्नर दीपक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हेरोइन तस्करी के मामले में आईसीपी पर की गई सबसे बड़ी कार्रवाई में अर्जुन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और भारतीय तस्करों के नापाक इरादों को विफल कर दिया था। जिसकी जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कर रही है।