कांग्रेस नेता अपनी सुरक्षा तो केंद्रीय सुरक्षा बलों की चाहते हैं लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ को सीमा से 50 किलोमीटर तक का अधिकार देने का विरोध करते हैं। सुरक्षा को लेकर कांग्रेसी दोहरी नीति दिखा लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अगर कांग्रेस नेताओं को केंद्रीय सुरक्षा बलों पर भरोसा नहीं है तो उन्हें अपनी सुरक्षा लौटा देनी चाहिए।
राज्यसभा सदस्य व पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्वेत मलिक ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर शुक्रवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर युद्ध होता है तो सबसे पहले बीएसएफ, सीआरपीएफ या पैरामिलिट्री फोर्स ही जंग लड़ती है और आज कांग्रेसी बीएसएफ की तैनाती पर सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं को तो केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा चाहिए। जब कांग्रेस के कुछ नेताओं से केंद्रीय सुरक्षा हटाई तो उन्होंने इसके खिलाफ आंदोलन किया। जब लोगों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ को अधिकार दिया तो उन्हें गलत लग रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें केंद्रीय सुरक्षाबलों पर भरोसा नहीं तो वे अपनी सुरक्षा लौटा दें।
श्वेत मलिक ने कहा कि आरएसएस गैर राजनीतिक और सेवा संगठन है, जो राष्ट्रहित को परिवार से भी ऊपर सर्वोच्च मानती है। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी में कुर्बानियां दीं हैं और चन्नी कहते हैं कि आरएसएस को अकाली दल लेकर आया।
लगता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के लोगों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ और सीआरपीएफ की टुकड़ियां मांगी थीं और चन्नी इसका विरोध कर रहे हैं। इससे साफ है कि चन्नी को लोगों की सुरक्षा की चिंता नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही कहती रही है कि कांग्रेस के हाथ पाकिस्तान के साथ है। यह बात आज सिद्ध हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू जो शब्द मोदी और सोनिया की प्रशंसा में कहते हैं, पाकिस्तान जाकर वही शब्द इमरान खान की तारीफ में कहते हैं। वे पाकिस्तान के खूनी जरनैल बाजवा से गले मिलते हैं तो गुलाम कश्मीर के राष्ट्रपति के साथ बैठते हैं।
आतंकवादी गोपाल सिंह चावला के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं। इसी तरह मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पाकिस्तान से समर्थन मांगते हैं। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस नेता जनता की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ही चिंतित रहते हैं।