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Amritsar News: एसजीपीसी ने ज्ञानी हरप्रीत को हटा ज्ञानी रघबीर को बनाया अकाल तख्त का जत्थेदार

Fri, 16 Jun 2023 09:17 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
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-ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पद छोड़ा, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार बने रहेंगे
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-श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी सुल्तान सिंह होंगे केसगढ़ साहिब के जत्थेदार
-एसजीपीसी ने कहा, हटाया नहीं, खुद की थी पद छोड़ने की पेशकश
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को इस पद से हटा कर ज्ञानी रघबीर सिंह को नया स्थायी जत्थेदार नियुक्त कर दिया है।
हालांकि, ज्ञानी हरप्रीत सिंह तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बने रहेंगे। ज्ञानी रघबीर अभी तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार थे। उनकी जगह श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी सुल्तान सिंह को केसगढ़ साहिब का जत्थेदार बनाया गया है। यह फैसला शुक्रवार को एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। ज्ञानी रघबीर सिंह श्री हरिमंदिर साहिब के कार्यवाहक मुख्यग्रंथी की सेवाएं भी निभाते रहेंगे। वहीं, ज्ञानी सुल्तान सिंह श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी के रूप में अतिरिक्त सेवाएं देंगे।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब वह विदेश में हैं। हालांकि, एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को न तो पद से हटाया गया है और न ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने चार दिन पहले उनसे बातचीत कर स्वयं इस पद से यह कहकर हटने की इच्छा जताई थी कि वे एक साथ दोनों पदों पर बने रहने में असमर्थ हैं। इसी कारण उन्हें इस पद से मुक्त किया गया है। धामी ने मीडिया से कहा कि सिख कौम लंबे समय से स्थायी जत्थेदार की नियुक्ति की मांग कर रही थी। ज्ञानी हरप्रीत सिंह की पहल सराहनीय है। उन्होंने ही किसी अन्य सिंह साहिबान को श्री अकाल तख्त के स्थायी जत्थेदार के तौर पर मनोनीत करने का सुझाव दिया था। उन्होंने यह पद त्यागने की इच्छा जताकर अपना नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों पर दर्ज कर लिया है।

राघव चड्ढा की सगाई में शामिल होने के बाद तेज हो गई थी हटाने की चर्चा
पिछले कुछ दिनों से जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब के पद से हटाने की चर्चा चल रही थी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की सगाई के दौरान जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के जाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी। इसे लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने सवाल भी उठाए थे। शिअद लीडरशिप की ओर से ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पद से हटाने के लिए एसजीपीसी पर दबाव बनाया जा रहा था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शिअद लीडरशिप पर भी सवाल उठाए थे।
पांच प्यारे के रूप में सेवा निभा चुके हैं ज्ञानी रघबीर सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के नव नियुक्त स्थायी जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह श्री अमृतसर के गांव सुल्तानविंड के रहने वाले हैं। उन्होंने 1989 में ग्रंथी सिंह के रूप में सेवा शुरू की थी। 1995 तक विभिन्न स्थानों पर सेवा की। 1995 से अप्रैल 2014 तक श्री अकाल तख्त साहिब में पांच प्यारे के रूप में भी सेवा की। 21 अप्रैल, 2014 को उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब में ग्रंथी नियुक्त किया गया। 24 अगस्त, 2017 को ज्ञानी रघबीर सिंह को तख्त श्री केसगढ़ साहिब का कार्यकारी जत्थेदार नियुक्त किया गया था।
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ज्ञानी सुल्तान सिंह ने निभाई थी अरदासिया के रूप में सेवा
तख्त श्री केसगढ़ साहिब के नव नियुक्त जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह अभी श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने 2008 में ग्रंथी सिंह के रूप में सेवा देना शुरू की थी। 2015 में उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में अरदासिया के रूप में सेवा की थी। वर्ष 2021 में उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब का ग्रंथी नियुक्त किया गया था।
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