एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से अपने यूट्यूब चैनल 'एसजीपीसी श्री अमृतसर' पर सोमवार सुबह से गुरबाणी का लाइव प्रसारण शुरू कर दिया गया। पहले ही दिन लाइव प्रसारण ने रिकॉर्ड बना दिया। पहले दिन करीब 50 हजार लोगों ने यूट्यूब व फेसबुक के लिंक के साथ जुड़ कर गुरबाणी श्रवण की।
पहले चरण में गुरबाणी का लाइव प्रसारण सुबह तीन बजे से साढे़ आठ बजे तक हुआ। अब दोपहर साढे़ 12 से ढाई बजे तक कीर्तन का प्रसारण होगा। इसके बाद शाम को छह बजे से लेकर रात आठ बजे तक कीर्तन का लाइव प्रसारण होगा। पहले ही दिन एसजीपीसी के गुरबाणी चैनल एसजीपीसी श्री अमृतसर पर लगभग 45 हजार से अधिक लोगों ने गुरबाणी लाइव श्रवण की है।
एसजीपीसी ने किया लांच
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी कीर्तन को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने के लिए अपना यूट्यूब वेब चैनल लांच कर दिया है। चैनल का नाम 'एसजीपीसी श्री अमृतसर' रखा गया है। यह यूट्यूब और फेसबुक पर उपलब्ध होगा।
गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में हुए गुरमति समारोह में एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है, जब एसजीपीसी अपने स्तर पर गुरबाणी प्रसारण की शुरुआत कर रही है। इससे संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
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धामी ने स्पष्ट किया कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के प्रसारण के सभी अधिकार एसजीपीसी के पास ही रहेंगे। कोई अन्य चैनल इसे नहीं चला सकेगा। एसजीपीसी जल्द ही अपना सैटेलाइट चैनल स्थापित करेगी। इसकी प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है। फिलहाल पीटीसी चैनल को सैटेलाइट पर गुरबाणी प्रसारित करने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही एसजीपीसी की ओर से अपने आधिकारिक यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गुरबाणी प्रसारण के लिए चुनी गई कंपनी को भुगतान किया जाने वाला 12 लाख रुपये का मासिक खर्च भी पीटीसी से ही वहन किया जाएगा।
लोगों से चैनल से जुड़ने की अपील
धामी ने अपील की है कि श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी कीर्तन को निर्बाध रूप से सुनने के लिए 'एसजीपीसी श्री अमृतसर' यूट्यूब और फेसबुक चैनल से जुड़ें। वेब चैनल का नाम बदलने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा विद्वानों के सुझावों और सिंह साहिबानों से चर्चा के बाद किया गया है, क्योंकि भविष्य में अगर चैनल को लेकर कोई कानूनी पेचीदगियां आती हैं तो श्री हरमंदिर साहिब का नाम इससे बाहर रहेगा। इस अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह ने गुरबाणी के प्रसारण के लिए शुरू किए गए चैनल पर संगत को बधाई दी।