तरनतारन। पट्टी गोलीकांड में दो कांग्रेस नेताओं की हत्या मामले में भले ही पुलिस अधिकारी मीडिया को जानकारी देने से कतराते रहे, परंतु देर रात को सारी सच्चाई सामने आ गई। गोलीकांड में मरने वाले युवा कांग्रेस के जिला प्रवक्ता जगदीप सिंह उर्फ मन्ना और कार्यकर्ता अनमोल सिंह उर्फ मौला को कई दिन से कुछ लोग ढाई लाख रुपये देने में आनाकानी कर रहे थे। उन्होंने फोन कर हिसाब करने के लिए सरहाली रोड स्थित चुंगी के पास बुलाया था, जिसके बाद गोलीकांड को अंजाम दिया गया।
जगदीप सिंह उर्फ मन्ना के पिता बिक्रम सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि उनके दादा सेना में थे। विधानसभा हलका पट्टी के गांव बुर्ज रायके निवासी मन्ना एकलौती संतान होने के साथ एक बेटे के पिता थे। इसी गांव से संबंधित अनमोल सिंह उर्फ मौला भी एकलौती संतान थे। मौला की दो बहनें विदेश में रहती हैं, जबकि पिता पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई तरनतारन जिले में तैनात हैं।
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरमन सेखों के करीबी मन्ना और मौला पर जब आरोपियों हमला किया तो गांव प्रिंगड़ी हाल पट्टी निवासी गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक भी घायल हो गए।
तरनतारन के पट्टी कस्बे में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में जगदीप सिंह मन्ना और अनमोल सिंह की गोलियां मारकर हत्या करने के दोनों आरोपी वारदात के बाद घटनास्थल से मात्र पांच किलोमीटर दूर पट्टी शहर के एक मकान में जा छिपे थे।
दो आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि ढाई लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए गोलीकांड मामले में दो आरोपियों लखबीर सिंह उर्फ लक्खा और विनोद कुमार गट्टू को काबू करके उनके पास से दो पिस्टल बरामद कर लिए गए हैं।