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चुनावी खर्च का हिसाब रखने में नेताओं की मीडिया टीमें प्रशासन के लिए चुनौती

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अमृतसर। कोविड के खतरे को देखते हुए 31 जनवरी तक लगाई गई रैलियों पर पाबंदी जहां नेताओं के लिए चुनौती से कम नहीं हैं, वहीं तरफ राजनेताओं की ओर से इससे निपटने के लिए चुनावी प्रचार के लिए लगाई इंटरनेट मीडिया की टीमें प्रशासन के लिए चुनौती बनी हैं। क्योंकि नेताओं ने चुनावों में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संपर्क कायम करने के लिए आईटी प्रोफेशनल की टीमें तैनात करते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है। चुनावों के लिए खर्च किए गए उम्मीदवार या पार्टी के खर्च का हिसाब लगाना एक चुनौती बन गया है। हालांकि चुनाव आयोग ने भी इससे निपटने के लिए आईटी प्रोफेशनल की सेवाएं ली हैं। मगर उनके लिए नेताओं के आईटी माहिरों पर किया गए खर्च का अंदाजा लगाना आसान नहीं है।
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बताया जा रहा है कि नेताओं ने इसके लिए बेरोजगार आईटी माहिरों की सेवाएं ली जा रही हैं, जिन्हें एक माह के लिए 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक दिए जाएंगे। कई माहिरों को तो इस काम के लिए इससे भी ज्यादा राशि दी जा रही है। इनका काम बंद कमरों में बैठकर अपने नेता जी की बात को व्हाट्सएप ग्रुप, मैसेंजर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और यू ट्यूब चैनलों के लिए लोगों तक पहुंचाना है। नेता इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं, मगर प्रशासन के सामने इन्हें पार्टी वर्कर के तौर पर दिखाया जाएगा। वहीं जिला चुनाव अधिकारी-कम-डीसी गुरप्रीत सिंह खैरा ने बताया कि नेताओं और पार्टियों की तरफ से चुनावों पर किए जाने वाले हर खर्च पर चुनाव कमीशन की नजर है। उम्मीदवारों तथा पार्टियों के दफ्तरों में काम करने वाले ऐसे लोगों पर विशेष तौर पर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक विधानसभा हलका में एक सहायक खर्च ऑब्जर्वर, 9 फ्लाइंग टीमें, 9 सविलांस टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों की ओर से मीडिया पर होने वाले खर्च के लिए मीडिया सेल भी काम कर रहा है। संवाद
शहर के 5 विधानसभा हलकों में 331 बूथों पर होगा मतदान
पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि शहर के 5 विधानसभा हलकों में मतदान के लिए 331 बूथ बनाए गए हैं। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए 43 नाके लगातार दिन रात काम कर रहे हैं। इसके लिए पैरा मिलिट्री फोर्स की 229 कंपनियां मंगवाई गई हैं, जिसमें से अभी तक 5 कंपनियां शहर में पहुंच चुकी हैं। सीपी डा. गिल ने बताया कि लाइसेंसी हथियारों में से अभी तक 95 फीसदी से ज्यादा हथियार जमा हो चुके हैं।
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