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एसजीपीसी का आरोप: गुरुद्वारा पहुंचने पर उत्तराखंड सीएम के स्वागत में हुआ मर्यादा का उल्लंघन, तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

Mon, 26 Jul 2021 11:34 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ के बयान की भी निंदा की। जाखड़ ने अपने बयान में कहा था कि केंद्र सरकार का रास्ता पंजाब से होकर जाता है और पंजाब सरकार का रास्ता बहिबल कलां से शुरू होता है।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब पहुंचने पर उनके स्वागत में हुए मर्यादा के उल्लंघन का सख्त संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की अपनी मर्यादा है और इसका उल्लंघन का किसी को अधिकार नहीं है। इससे सिख भावनाओं को भारी ठेस पहुंची है।

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सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीबी जागीर कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए लड़कियों से नृत्य करवाना गुरुघर की मर्यादा का घोर उल्लंघन है। इसके साथ ही गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकते वक्त मुख्यमंत्री को सिरोपा और श्री साहिब के साथ चांदी का मुकुट देकर सम्मानित करना भी मर्यादा के खिलाफ है। 

उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब की प्रबंधक कमेटी को पत्र लिखकर इस घटना के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मामले की जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जो घटनाक्रम की पूरी पड़ताल कर श्री अकाल तख्त साहिब को मुकम्मल रिपोर्ट सौपेंगी। 

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बीबी जागीर कौर ने हरियाणा के भाजपा नेता गुनी प्रकाश की ओर से किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के खिलाफ की गई टिप्पणियों की भी सख्त शब्दों में निंदा की और कहा कि ये विवादित बयान सिखों और हिंदुओं में भेदभाव डालने की नीयत से दिया गया है। उन्होंने गुनी प्रकाश को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने व्यवहार के लिए सिख संगत से माफी मांगे।
 
बीबी जागीर कौर ने कहा कि कुछ शक्तियां किसान आंदोलन को केवल सिखों के साथ जोड़ कर इनमें भेदभाव पैदा करना चाहती हैं। बेअदबी की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि 250 से 300 के करीब ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। कोई श्री गुरुग्रंथ साहिब की तो कोई गुटखा साहिब की बेअदबी करता है तो हाथों में गुटखा साहिब लेकर झूठी शपथ लेना भी गुरु साहिब का अपमान है। 

बेअदबी शब्द के प्रयोग को कमजोर मानसिकता का उदाहरण बताते हुए उन्होंने इससे सचेत रहने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेअदबी कांड के मुद्दई का नाभा की जेल में कत्ल हो जाना भी सवाल खड़े करता है कि सरकार इसमें पिछली कड़ियों को छिपाना चाहती है। 
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