दक्षिण कश्मीर के नौगांव (वेरीनाग) क्षेत्र में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए 19 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक जसवीर सिंह को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव वेईपुई में अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को जब श्मशानघाट लाया गया तो गांव के लोगों ने भारत माता की जय व पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर शहीद लांस नायक को श्रद्धांजलि दी। गांव वेईपुई निवासी छोटे किसान परिवार के जसवीर सिंह 28 दिसंबर, 2014 को सेना में भर्ती हुए थे।
लांस नायक जसबीर सिंह को अंतिम विदाई देते लोग।
गांव के सरपंच सतनाम सिंह, कांग्रेस नेता बलराम सिंह, पंच भूपिंदर सिंह ने बताया कि जसवीर सिंह की बड़ी बहन राजविंदर कौर गांव छज्जलवड्डी (बाबा बकाला) में ब्याही है। खडूर साहिब के सांसद जसबीर सिंह गिल, विधायक रमनजीत सिंह सिक्की, डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री, डीसी कुलवंत सिंह, एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने लांस नायक जसवीर सिंह की शहादत पर दुख प्रकट किया।
विधानसभा हलका खडूर साहिब के गांव वेईपुई निवासी किसान गुरभेज सिंह के बड़े बेटे जसवीर सिंह का 25 फरवरी 1995 को जन्म हुआ था। 28 दिसंबर, 2014 को सेना में भर्ती होने वाले जसवीर सिंह डेढ़ माह पहले दो सप्ताह की छुट्टी पर घर आए थे। बेटे की शहादत की खबर सुनकर मां सुखविंदर कौर सदमे में हैं। पिता गुरभेज सिंह भी सुधबुध खो बैठे हैं। वे लाडले के सिर सेहरा देखना चाहते थे लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था।
शहीद लांस नायक के परिवार को 50 लाख और सरकारी नौकरी का एलान
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को लांस नायक जसबीर सिंह, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अनंतनाग इलाके में आतंकवादियों के विरुद्ध बहादुरी से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी, के परिवार को 50 लाख रुपये एक्सग्रेशिया और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है।