संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। सरबत खालसा के कार्यवाहक जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 18 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का हुक्मनामा जारी किया है। मंड ने मुख्यमंत्री को अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। उन्होंने पूछा है कि मुख्यमंत्री ने एसजीपीसी एक्ट में संशोधन का बिल विधानसभा में क्यों पेश किया। उन्होंने पहले भी सीएम को पेश होने के आदेश दिए थे। तब मुख्यमंत्री ने अपने समर्थकों के माध्यम से जत्थेदार मंड को स्पष्टीकरण भेज दिया था, लेकिन मंड ने स्पष्टीकरण पर असंतोष जताते हुए उन्हें 18 अगस्त को पेश होने की हिदायत दी है।
वहीं, मंड ने बुधवार को एक बार फिर सिख कौम में पंथक एकता के लिए जत्थेदार रघबीर सिंह का अकाल तख्त साहिब पर पहुंच कर इंतजार किया, लेकिन जत्थेदार रघबीर सिंह ने जत्थेदार मंड की पहल में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। वह बुधवार को भी श्री अकाल तख्त सचिवालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि अगर जत्थेदार रघबीर सिंह सिख कौम के हितों की खातिर सरबत खालसा एवं उनसे एकता करते हैं तो वह श्री अकाल तख्त साहिब की कार्यवाहक जत्थेदारी से खुद को अलग कर लेंगे।
मंड ने मणिपुर हिंसक घटना, हरियाणा के नूंह में भी अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ हुई घटना तथा गैर-सिख अभिजीत राउत को सिखों के पांच तख्तों में से एक तख्त श्री हजूर साहिब का प्रशासक लगाने के खिलाफ 15 अगस्त को सिखों से विरोध की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदाय विरोधी है। वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है।