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अमृतसर: हरमंदिर साहिब के कड़ाह प्रसाद की हर महीने की आय साढ़े तीन करोड़

Tue, 08 Oct 2019 10:06 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
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श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर जसविंदर सिंह दीनपुर ने गुरुघर की गोलक में जमा होने वाली वटक (आय) का विवरण जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब के गोलकों की गिनती रोजाना नहीं होती। कड़ाह प्रसाद की वटक हर महीने लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये की है।
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श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह ने कुछ दिन पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के वर्तमान प्रबंधकों पर गुरु की गोलक की  लूट-खसोट, श्री हरमंदिर साहिब में श्रद्धालुओं द्वारा खरीदे जा रहे कड़ाह-प्रसाद की आय और लंगर के लिए खरीदे जाने वाली रसद में हेराफेरी के आरोप लगाए थे।

मैनेजर दीनपुर के अनुसार श्री हरमंदिर साहिब, गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह और इनसे संबंधित लगभग 40 गुरुद्वारा साहिबान की गोलक की छह माह की वटक का विवरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि हर महीने इन गुरुद्वारा साहिबान की आय लगभग 12 करोड़  है। बीते अप्रैल में इन गुरुद्वारा साहिबान की गोलक की कुल वटक 14 करोड़ 46 लाख रुपये थे।
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मई में यह 11 करोड़ 67 लाख, जून में 11 करोड़ 86 लाख, जुलाई में 11 करोड़ 37 लाख, अगस्त में 10 करोड़ 66 लाख और सितंबर में यह 10 करोड़ 13 लाख रुपये थी।
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दीनपुर ने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब की गोलकों की गिनती रोज नहीं होती। कड़ाह प्रसाद की वटक हर महीने लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये की है। श्री हरमंदिर साहिब में संगत प्रतिदिन 12 लाख की राशि का कड़ाह प्रसाद खरीदती है।

जसविंदर सिंह ने कहा कि भाई रणजीत सिंह का यह कहना कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की रोजाना गोलक की वटक सवा करोड़ रुपये है, संगत को गुमराह करने जैसा है। कड़ाह प्रसाद के लिए आने वाले घी के ट्रकों में एक ट्रक की राशि में घपले के बयान में भी कोई सच्चाई नहीं है।

टेंडर के जरिए वेरका से खरीदा जाता है घी
उन्होंने कहा कि भाई रणजीत सिंह के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उनको इस बात की जानकारी है कि कड़ाह प्रसाद के लिए घी की खरीद टेंडर के माध्यम से होती है। यह घी सरकारी अदारे वेरका से खरीदा जाता है। उन्होंने बिना जांच किए श्री हरमंदिर साहिब के प्रबंधन पर झूठे आरोप लगाकर अपनी शख्सियत का अपमानित न करें।
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