रवि रंजन सिंह ने चुनौती देते हुए दिल्ली से अमृतसर का किया सफर
कहा- पन्नू को सिख इतिहास के बारे में किसी स्कूल मास्टर से लेनी चाहिए ट्यूशन
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मानवाधिकार कार्यकर्ता ने रवि रंजन सिंह ने सिख फाॅर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू के आह्वान को चुनौती देते हुए रविवार को एयर इंडिया के विमान में सफर किया। एयर इंडिया के विमान ए1491 जरिये दिल्ली से अमृतसर पहुंचे सिंह ने पन्नू के आह्वान को एक ड्रामा बताया। मानवाधिकार कार्यकर्ता ने अमृतसर पहुंचने के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि पन्नू के आह्वान ने सच्चे सिखों का सिर शर्मसार किया है। बता दें कि 19 नवंबर को पन्नू ने सोशल मीडिया के जरिये सिखों से एयर इंडिया के विमान में सफर न करने का आह्वान किया था। तब पन्नू ने सिखों को इसमें रविवार को सफर करने पर खुद ही जिम्मेदार होने की बात भी कही थी। पन्नू के आह्वान को चुनौती देते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता रवि रंजन सिंह आह्वान को चुनौती मानते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से अमृतसर के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या ए-1491 से रविवार को दोपहर अमृतसर पहुंचे थे।
मानवाधिकार कार्यकर्ता सिंह ने कहा कि पन्नू को पता नहीं है कि एयर इंडिया के विमानों में हिंदू, सिख, मुस्लिम और ईसाई सभी सफर करते हैं। इसलिए पन्नू मानवता को कत्ल करने के मंसूबे अपने मन में संजोए बैठा है। पन्नू को सिख इतिहास बाबत सबक लेने के लिए किसी स्कूल मास्टर से ट्यूशन लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा रंजीत सिंह की सेना के जरनैल हरी सिंह नलवा ने खैबर के दर्रे को बंद करके दुश्मनों का भारत में दाखिला बंद किया था। इस अवसर पर उनके साथ सुरिंदर सिंह घरियाला और राजीव सिंह भी मौजूद थे।
यह है सिखों का इतिहास
मानवाधिकार कार्यकर्ता रवि रंजन सिंह ने कहा कि बाबा राम सिंह नामधारी ने अंग्रेजों के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू कर आजादी की जंग का ऐलान किया। बाबा सोहन सिंह भकना ने गदर पार्टी की शुरुआत कर जंग को तेज धार दी। मास्टर तारा सिंह ने शिरोमणि अकाली दल का 40 वर्षों तक नेतृत्व करते हुए देश और कौम का नेतृत्व किया। सरदार प्रताप सिंह कैरों और महिंदर सिंह रंधावा ने हरा इंकलाब लाकर भारत को अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि इस लिए सभी सिखों का फर्ज बनता है कि पन्नू की सिख विरोधी कार्रवाइयों की निंदा की जाए।