गुरु नानक देव अस्पताल में साथियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर गोलियां चलाने के आरोप
पुलिस अगस्त 2016 में दर्ज किया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने पुलिस पर फायरिंग करने के मामले में गैंगस्टर सुपरीत सिंह उर्फ हैरी चट्ठा को गैर हाजिर रहने पर भगोड़ा घोषित किया है। अदालत ने इस मामले में आरोप साबित नहीं होने पर रणजोध सिंह उर्फ सन्नी यामहा और उसके चार साथियों को रिहा कर दिया है। केस की पैरवी कर रहे वकील अमनदीप सिंह ने बताया कि जांच टीम न तो घटनास्थल पर चलाई गई गोलियों के खोल और न ही हथियार बरामद कर पाई। फिलहाल कई मामलों में आरोपी हैरी चट्ठा पुलिस को वांछित है।
क्या था मामला
सिविल लाइन पुलिस ने 2 अगस्त 2016 को गुरदासपुर जिला के गांव चट्ठा के सुपरीत सिंह उर्फ हैरी चट्ठा, मजीठा रोड स्थित फ्रेंड्स काॅलोनी के रणजोध सिंह उर्फ सन्नी यामहा, 88 फुट रोड निवासी संदीप कुमार सन्नी, लक्ष्मी विहार निवासी जसविंदर सिंह उर्फ विक्की, मलकीत नवाब और संजू शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस मुताबिक उक्त आरोपियों के तीन साथी हरप्रीत सिंह उर्फ गंजा, पुनीत पाल सिंह और सन्नी वारदात के समय जेल में बंद थे। वहां आरोपियों का अन्य कैदियों से झगड़ा हुआ और घायल हालत में उन्हें गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। मौका मिलते ही हैरी चट्ठा ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर अस्पताल में तीन साथियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर फायरिंग की थी। जब पुलिस ने जवाबी फायर किए तो आरोपी फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पांचों के खिलाफ पुलिस पर हत्या प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया था।