पंजाब के कैबिनेट मंत्री व शिअद माझा जोन के जरनैल बिक्रम सिंह मजीठिया ने वीरवार को रंजीत एवेन्यू में अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की कांग्रेस सरकार में गैंगस्टर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। केडी अस्पताल में वारदात के तुरंत बाद बटाला के मौजूदा कांग्रेसी पार्षद प्रभजोत सिंह चट्ठा, जगतार सिंह और लाडी डेयरीवाल दिखाई दिए और इसके कुछ घंटे बाद ही यह तीनों बटाला में जोहल अस्पताल, जहां वारदात के दौरान जख्मी हुए हैपी शाह का इलाज हुआ, में दिखाई दिए। इससे स्पष्ट हो जाता कि मजीठा रोड स्थित केडी अस्पताल में 3 अगस्त की रात राणा कंधोवालिया की सरेआम गोलियां मार हत्या करने के मामले में गैंगस्टर जग्गू के सिर पर जेल मंत्री सुखी रंधावा की सरपरस्ती है।
उन्होंने कहा कि राणा कंधोवालिया की हत्या के पीछे की सच्चाई तब तक सामने नहीं आ सकती, जब तक इसकी हाईकोर्ट के सिटिंग जज या सीबीआई से जांच करवाई जाए। राणा कंधोवालिया की हत्या को 9 दिन हो गए हैं, लेकिन पुलिस न तो अभी तक बटाला के पार्षद प्रभजोत सिंह, जगतार सिंह और लाडी डेयरीवाल को पूछताछ के लिए लेकर आई और न ही जोहल अस्पताल के डाक्टर को इसमें शामिल किया जा रहा है। इस दौरान राणा के साथी की गोली लगने से जख्मी हुए हैपी शाह का बटाला में जोहल अस्पताल में इलाज करवाने में उक्त लोगों की प्रमुख भूमिका रही है। डॉ. जोहल के कांग्रेसी मंत्रियों और विधायकों के साथ रिश्ते हैं और वह गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के परिवार का डाक्टर भी है। डॉ. जोहल के बेटे की शादी में कैबिनेट मंत्रियों का शामिल होना बताता है कि मंत्रियों के साथ कितनी नजदीकियां हैं।
मजीठिया ने कहा कि जग्गू भगवानपुरिया पर 59 पर्चे दर्ज हैं, लेकिन पंजाब सरकार उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से नहीं ला रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्री अपने विरोधियों के खिलाफ गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर रही है और आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी इसका असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि आज उद्योगपति, कारोबारी, प्रापर्टी डीलर या कई अन्य लोगों से गैंगस्टर फिरौती वसूल रहे हैं, क्योंकि इसमें कांग्रेस के मंत्री और विधायकों की सरपरस्ती है।
उन्होंने कहा कि जग्गू भगवानपुरिया को कांग्रेस के मंत्री कई तरीकों से इस्तेमाल कर रहे हैं। यह गैंगस्टर अकाली नेताओं और वर्करों को कांग्रेस का साथ नहीं देने पर धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इसमें या तो हाईकोर्ट के जज या फिर सीबीआई से जांच करवाई जाए ताकि राणा कंधोवालिया हत्याकांड में शामिल जेल मंत्री की सरपरस्ती से जेल के अंदर से चलने वाला गैंगस्टरों का गिरोह सामने आ सके। इस अवसर पर शिअद जिला प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का और अकाली दल के पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा भी उपस्थित थे।