छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले हाईअलर्ट के बीच अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अमृतसर के सीमांत गांवों में दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और हेरोइन बरामद की गई है। काबू किए जाने वालों में एक आठवीं कक्षा का छात्र भी है, जो तस्करों के संपर्क में था। एसटीएफ ने यह बड़ी कार्रवाई पंजाब में छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मनाए जाने वाले घल्लूघारा से पहले की।
आईजी चावला ने बताया कि आरोपी सविंदर सिंह और दिलबाग सिंह को 18 मई को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि उन लोगों ने पाकिस्तान आधारित तस्कर हाजी अकरम से हेरोइन की खेप 12 मई की रात को मंगवाई थी, जो दोनों ने 500-500 ग्राम बांट ली। रिमांड के दौरान उक्त हेरोइन दोनों से बरामद कर ली गई। दिलबाग सिंह ने माना कि उसके पास दो पाकिस्तानी सिम भी है, जिनके जरिए वह पाकिस्तानी तस्करों से बात करता है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक नोकिया का मोबाइल फोन, जिसमें 2 पाकिस्तानी सिम कार्ड थे, भी बरामद कर लिया।
उन्होंने बताया कि दिलबाग उर्फ बागो ने माना कि लुधियाना कोर्ट कांपलेक्स में 23 दिसंमबर 2021 को हुई विस्फोट में वह शामिल था। उसने यह भी माना कि सीमांत गांव बलड़वाल में ड्रोन के जरिए उसने आईईडी भी बरामद की, जो आईएसआई के इशारे पर भेजी गई। आईईडी उसने चौगांवा गांव के अड्डा पर अमृतसर के गांव पंजू कलाल निवासी सुरमुख उर्फ सम्मू को दी। बागो ने बताया कि उसने लुधियाना बाईपास पर आईईडी पंजाब पुलिस के बर्खास्त मुलाजिम गगनदीप सिंह को दी, जो लुधियाना कोर्ट कांप्लेक्स में हुए विस्फोट में मारा गया था। उन्होंने बताया कि बागो से की गई पूछताछ के बाद पंजू कलाल गांव के सुरमुख सिंह को गिरफ्तार किया।