-पर्यावरण को शुद्घ करने के लिए वन विभाग की अनूठी पहल
-अब तक ढाई-ढाई एकड़ के तीन पवित्र वन बनाए, मुहिम जारी
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हरीश शर्मा, अमृतसर।
पवन गुरु, पाणी पिता, माता धरत महत...। श्री गुरुनानक देव जी ने गुरबाणी में इन शब्दों का उल्लेख कर पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया है। इसी से प्रेरणा लेते हुए वन विभाग ने इलाके में पवित्र वन तैयार करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है। अब तक ढाई-ढाई एकड़ के तीन पवित्र वन तैयार किए जा चुके हैं। इनकी खासियत यह है कि इन वनों में वहीं पौधे लगाए गए हैं, जिनका जिक्र हमारे शास्त्रों, गुरुबाणी या अन्य धर्म ग्रंथों में मिलता है।
पर्यावरण की संभाल करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के अच्छे परिणाम मिले हैं। पवित्र वनों में लगाए गए पौधों में अधिकतर औषधीय गुणों वाले हैं, ताकि इनका प्रयोग आमजन की बेहतरी के लिए किया जा सके। मौजूदा समय में विभिन्न प्रकार की दवाइयों में प्रयोग होने वाले पौधों की कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ऐसे में इन प्रजातियों को बचाने व इनके संरक्षण के लिए भी यह प्रोजेक्ट कारगर साबित हो रहा है।
इन प्रजातियों को किया जा रहा सरंक्षित
जंगलात विभाग की ओर से जो तीन पवित्र वन तैयार किए हैं, उनमें पहला सुल्तानविंड रोड, दूसरा अटारी रोड और तीसरा तरनतारन जिले में है। इन वनों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं और उनका खास ध्यान रखा जा रहा है। इनमें खास तौर पर नीम, बेरी, अमरिंगा, अर्जुन छाल, पलाश, हरड़, बहेड़ा, शतावर, कोचिला, पाटना, आंवला, अमलताश, केंत, सागवान आदि शामिल हैं।
इस साल चार और वन तैयार होंगे, 3 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
जिला वन अधिकारी अमनीत सिंह ने बताया कि जहां एक तरफ अमृतसर और तरनतारन जिले में इस साल तीन लाख से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही इस साल चार और नए पवित्र वन भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रजातियों के पौधे, जो अमृतसर में विलुप्त होते जा रहे हैं, उन्हें यहां संरक्षित किया जा रहा है। हम अन्य राज्यों से पौधे मंगवाकर यहां रोप रहे हैं।
-संवाद