अमृतसर में है जस्टिस संजीव खन्ना का पैतृक घर।
- फोटो : संवाद
सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना का पंजाब के अमृतसर में पैतृक घर है। जस्टिस संजीव खन्ना ने 11 नवंबर को देश के 51वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली थी। सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा था कि उनका पैतृक घर अमृतसर के कटरा शेर सिंह इलाके में है। जब भी वह अमृतसर जाते हैं तो अपने पैतृक घर की तलाश जरूर करते हैं, लेकिन अभी तक उनको उनका पैतृक घर नहीं मिला है।
यह बात सार्वजनिक होने के बाद कटरा शेर सिंह में आजादी से पहले रहते आ रहे है 82 वर्षीय बुजुर्ग जंगी महाजन ने दावा किया है कि संजीव खन्ना का पैतृक घर कटरा शेर सिंह में ही था। इस घर को जस्टिस खन्ना के चाचा ने 1970 में बेच दिया था। घर को दो व्यापारी भाईयों सतपाल महाजन और मोहन लाल महाजन ने एक लाख दस हजार रुपये में खरीदा था। कुछ समय महाजन परिवार इसी घर पर रहा और बाद में घर को तोड़ दिया गया। अब यहां मार्केट बन गई है। अब इस की घर की जगह पर महाजन मार्केट बस चुकी है। जिन दो भाईयों ने मार्केट बनाई थी वह भी अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं।
महाजन का कहना है कि अब इस घर की जगह पर पूरी मार्केट बन चुकी है। जब खन्ना परिवार अमृतसर से चला गया था तो उस वक्त संजीव खन्ना मात्र पांच छह वर्ष के थे। इसलिए जस्टिस खन्ना इस घर को ढूंढ नहीं पाए थे।
दिल्ली चला गया था खन्ना परिवार
महाजन का दावा है कि जस्टिस खन्ना के दादा सरव दयाल जो पेशे से वकील थे और स्वतंत्रता सेनानी भी थे, ने इस घर को बनाया था। खन्ना परिवार को वकीलों का परिवार कहा जाता था। इस परिवार के दो बेटे जज बन गए। इसके बाद ये परिवार दिल्ली चला गया। उनका कहना है कि जब 1947 के दंगे हुए थे तब यह घर आग की भेंट चढ़ गया था। घर को सरव दयाल ने दोबारा बनवाया था।
जस्टिस के पिता और चाचा का इसी घर में हुआ जन्म
बुजुर्ग जंगी महाजन का कहना है कि जस्टिस खन्ना के पिता देव राज और चाचा हंस राज का जन्म इसी घर में हुआ था। जब सरव दयाल खन्ना की पत्नी की मृत्यु हो गई थी तो तब संजीव खन्ना की दादी ने सारे घर को संभाला था। जस्टिस खन्ना के पिता देव राज खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के जज रहे। जबकि हंस राज खन्ना सुप्रीम कोर्ट के जज रहे। बताया जाता है कि संजीव खन्ना अपने चाचा से प्रभावित होकर ही वकालत के पेशे में आए थे।