अमृतसर। जंडियाला गुरु में वीरू मल मुल्ख राज कांड के बाद एक बार फिर सिविल सप्लाई के गोदामों में सरकारी गेहूं का बड़े स्तर पर घपला सामने आया है। विभाग के एक इंस्पेक्टर ने ही अपने तहत गोदामों से गेहूं के 1 लाख 93 हजार और 343 बैग गायब कर दिए। इनकी कीमत करीब दो करोड़ बताई जा रही है।
यह खुलासा तब हुआ जब चंडीगढ़ से पहुंची अधिकारियों की पांच टीमों ने जंडियाला गुरु के आठ गोदामों में रखे गेहूं के स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन (पीवी) की। आनन-फानन जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर राज रिशी मेहरा ने शुक्रवार रात इंस्पेक्टर जसदेव सिंह के खिलाफ जंडियाला गुरु थाना में एफआईआर दर्ज करवा दी।
विजिलेंस ने 5 और 6 अगस्त को गेहूं की जांच कर रिपोर्ट बनाई। इसमें सामने आया कि पनग्रेन के गोदामों से गेंहू के 50 किलो वाले 145787 और 30 किलो वाले 47556 बैग गायब थे। बता दें जसदेव सिंह के पास तीन साल से उक्त गोदामों की जिम्मेदारी थी।
जिला कंट्रोलर ने पुलिस को दी शिकायत
खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला कंट्रोलर राज रिशी मेहरा ने विजिलेंस जांच के तुरंत बाद पुलिस में शिकायत दे दी। इसमें इंस्पेक्टर जसदेव सिंह को दोषी बताया गया। कंट्रोलर ने बताया कि जसदेव के पास जंडियाला गुरु के आठ गोदामों की जिम्मेदारी है। वह कई दिन से बिना सूचना के गायब है और उसका मोबाइल भी बंद है। विभागीय अधिकारी जब इंस्पेक्टर के घर पहुंचे तो उसके घर के सभी लोग गायब मिले। जिला कंट्रोलर को यह रिपोर्ट सहायक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी अर्षदीप सिंह ने दी थी।
अधिकारियों को कई बार भेजी थी शिकायत : भीरी
यूथ अकाली दल के उपप्रधान मनजिंदर सिंह भीरी ने कहा कि जंडियाला गुरु के गोदामों में 30 गांवों के गरीब परिवारों का दो रुपये प्रति किलो मिलने वाला गेहूं रखा था। यह गेहूं कई महीने से नहीं बाटा गया। विभाग के अधिकारियों को कई बार इस संबंधी शिकायत भेजी गई, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घपले में आलाधिकारियों का भी हाथ है।