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दरबार साहिब से गुरुबाणी का लाइव प्रसारण: सांसद औजला ने की मदद की पेशकश, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से परमिशन में एसजीपीसी को देंगे सहयोग

Sat, 09 Apr 2022 05:05 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एसजीपीसी को गुरुबाणी का लाइव प्रसारण एक चैनल की जगह अन्य माध्यमों से या अपने चैनल से करने के लिए कहा था। पहले तो इसका विरोध हुआ लेकिन बाद में एसजीपीसी की ओर से भी प्राइवेट चैनल के पक्ष में बयान सामने आया।
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अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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अमृतसर से लोकसभा सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने श्री हरमंदिर साहिब से लाइव प्रसारण के लिए चैनल को मंजूरी दिलाने में अपना सहयोग देने के लिए एसजीपीसी को पत्र लिखा है। औजला ने अपने पत्र में केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय को एसजीपीसी द्वारा भेजी फाइल की कापी भी मांगी है, ताकि वे इसके लिए मंजूरी दिलाने में अपना सहयोग कर सकें। औजला ने यह पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा एसजीपीसी से श्री हरमंदिर साहिब के लाइव प्रसारण के लिए दिए बयान के बाद लिखा।

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एसजीपीसी को गुरुबाणी का लाइव प्रसारण एक चैनल की जगह अन्य माध्यमों से या अपने चैनल से करने के लिए कहा था। पहले तो इसका विरोध हुआ लेकिन बाद में एसजीपीसी की ओर से भी प्राइवेट चैनल के पक्ष में बयान सामने आया। अब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और एसजीपीसी ऐसा करने को तैयार हो गए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शुक्रवार को ही स्पष्ट किया था कि वे एक सप्ताह के भीतर पहले यूट्यूब चैनल और फिर केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद लाइव चैनल के माध्यम से संगत तक गुरुबाणी पहुंचाएंगे। इसे लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने पंजाब सरकार को एसजीपीसी का हितैषी होने की बात कहते हुए उन्हें केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय से चैनल के राइट्स दिलाने की बात कही। ताकि एजसीपीसी अपने खुद के चैनल के माध्यम में संगत तक श्री हरमंदिर साहिब का लाइव प्रसारण पहुंचा सके।

अब अमृतसर के सांसद गुरजीत औजला ने इसमें मदद करने को लेकर एसजीपीसी को पत्र लिखा है। औजला ने पत्र में लिखा है कि वे गुरु रामदास जी की नगरी से सांसद हैं तो उनका भी यह फर्ज और धर्म बनता है कि वे इस पवित्र काम में अपनी जिम्मेदारी पार्टीबाजी से ऊपर उठ कर निभाएं। उन्होंने एसजीपीसी को लाइव प्रसारण की मंजूरी के लिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को भेजी गई फाइल की कॉपी मांगी है, ताकि वे सांसद होने के नाते इसकी मंजूरी दिलवा सकें।

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