खेमकरण से पूर्व अकाली विधायक विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ 2017 में पार्टी के धरने के दौरान तत्कालीन डीसी के खिलाफ अभद्र शब्दावली इस्तेमाल करने का मामला दर्ज करवाया गया था। शुक्रवार को कोर्ट ने वल्टोहा को मामले में बरी कर दिया। इस संबंध में कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन तेजप्रीत सिंह पीटर और अन्य के बयान के आधार पर थाना सदर तरनतारन में केस दर्ज किया गया था।
2017 के मामले को लेकर न्यायाधीश राजेश आहलूवालिया की अदालत में विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ सुनवाई चल रही थी जिसमें दो निजी गवाह कांग्रेस नेता तेजप्रीत सिंह पीटर व गुरलाल सिंह पुत्र इंदरप्रीत सिंह निवासी भिक्खीविंड शामिल थे।
वकील जसइकबाल सिंह ढिल्लों की दलीलों से असहमति जताते हुए सीजेएम तरनतारन राजेश अहलूवालिया की अदालत ने विरसा सिंह वल्टोहा को बरी कर दिया है। प्रोफेसर वाल्टोहा के बरी होने पर अकाली कार्यकर्ताओं में भारी खुशी है।