अमृतसर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंधीर वर्मा की अदालत ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने के मामले के आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस साल की सजा सुनाई है। वरिष्ठ सरकारी वकील रमणीत कौर ने मामले की पैरवी करते हुए सबूतों के आधार पर दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
राजासांसी पुलिस ने 31 दिसंबर, 2019 को वार्ड 9 के रहने वाले विनोद कुमार उर्फ मन्नू के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने एफआईआर में 16 वर्षीय किशोरी को भगाने, शादी का झांसा देने, पोक्सो एक्ट और मोबाइल चोरी के आरोप में धाराओं को शामिल किया था। पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह दोषी के घर में किराए पर रहता था। आरोपी ने उसकी बेटी पर बुरी नजर रखनी शुरू कर दी। आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी को प्यार के झांसे में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसे लेकर फरार हो गया। इस मामले में कोर्ट ने अब सजा सुनाई है।
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दुष्कर्म मामले में दस साल की कैद की सजा
अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। लोपोके पुलिस ने 22 जुलाई, 2021 को भंगवां गांव निवासी महताब सिंह उर्फ टिक्का के खिलाफ पोक्सो एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सवा दो साल के भीतर फैसला सुनाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया था कि घटना वाले दिन वह छेहरटा स्थित एक अस्पताल में अपने रिश्तेदार को देखने गया। आरोपी उनकी नाबालिग बेटी पर बुरी नजर रखता था। उनकी गैरहाजिरी में आरोपी टिक्का उनके घर में घुस गया और उनकी बेटी से दुष्कर्म किया और मारने की धमकियां देते हुए फरार हो गया। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत की थी और डॉक्टरी जांच के बाद पुलिस ने आरोपित महताब सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।