-अंतिम पड़ाव पर पहुंची थाने पर हमले के मामले की जांच
-अपहरण मामले के पीड़ित वरिंदर से फिर हो सकती है पूछताछ
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अजनाला थाने पर हमले के मामले में पुलिस की जांच लगभग अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी है। पुलिस ने हमले में शामिल तीस आरोपियों की तस्वीरों के साथ-साथ घटना से जुड़ी 46 वीडियो की जांच पूरी कर ली है। 23 फरवरी को हुए हमले के दौरान बनी 150 से ज्यादा वीडियोज को खंगालने के बाद पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटा लिए हैं। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। जांच रिपोर्ट में थाने के बाहर पुलिसवालों से मारपीट से लेकर थाने पर हमले का पूरा ब्योरा है। अपहरण और मारपीट मामले में शिकायतकर्ता पीड़ित वरिंदर सिंह के पुलिस दोबारा बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने 16 फरवरी को अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर मारपीट, अपहरण व लूटपाट का केस दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लवप्रीत सिंह उर्फ तूफान को गिरफ्तार किया था। वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने इसके विरोध में जत्थे के साथ अजनाला थाने के बाहर धरना दिया। इस दौरान भीड़ ने थाने पर हमला कर एसपी जुगराज सिंह समेत छह पुलिस कर्मियों को जख्मी कर दिया था। अमृतपाल पर आरोप लगे कि उसने श्री गुरुग्रंथ साहिब को ढाल बनाकर थाने पर हमला किया। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार तूफान सिंह को क्लीनचिट देकर जेल से रिहा भी करवा दिया था।
अमृतपाल के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की ओर से अमृतपाल सिंह पर हमले की आशंका के अलर्ट के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। वहीं, अमृतपाल के आसपास भी सुरक्षा घेरा बढ़ गया है। पुलिस ने श्री हरिमंदिर साहिब और श्री दुर्ग्याणा मंदिर के आसपास पुलिस की सुरक्षा पहले से बढ़ा दी है। केंद्र ने पंजाब में जो अतिरिक्त कंपनियां भेजी हैं, उनकी तैनाती अभी नहीं दिखाई दे रही है। अमृतपाल सिंह शुक्रवार को जब श्री हरिमंदिर साहिब माथा टेकने पहुंचा तो सादे कपड़ों में आसपास पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस अमृतपाल की गतिविधियों पर पूरी नजर रख रही है।