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बीस करोड़ का गेहूं गायब मामले की होगी जांच

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सिविल सप्लाई विभाग के जंडियाला गुरु स्थित आठ गोदामों में बीस करोड़ रुपये का गेहूं गायब कर दिए जाने के मामले की जांच विजिलेंस विभाग के पास पहुंच गई है। जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर की शिकायत पर जंडियाला गुरु पुलिस ने छह अगस्त को विभागीय इंस्पेक्टर जसदेव सिंह के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था।
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मामला विजिलेंस के पास पहुंचने पर ब्यूरो ने पुलिस से इस मामले का पूरा रिकार्ड तो दूसरी तरफ सिविल सप्लाई विभाग से मामले से जुड़ा हर रिकार्ड तलब किया है। विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी परमपाल सिंह ने बताया कि मामले से जुड़ा हर रिकार्ड मांग लिया गया है और बहुत जल्द ही इसमें शामिल विभागीय अन्य अधिकारियों के जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
क्या है मामला
जंडियाला गुरु ब्लाक में तैनात सिविल सप्लाई के इंस्पेक्टर जसदेव सिंह के अचानक से गायब होने के बाद विभाग की पांच अलग-अलग विजिलेंस टीमों ने जंडियाला गुरु स्थित विभाग के आठ गोदामों के सरकारी गेहूं के स्टाक की जांच की थी। जांच के दौरान बड़े खुलासे सामने आए। जांच के दौरान पता चला कि इनमें रखी 50 किलो वाली 1 लाख 45 हजार और 787 बोरी जबकि 30 किलो वाली 47 हजार 556 बोरी गायब मिली।
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जिला खाद्य कंट्रोलर ने गठित की टीमें
एक तरफ जहां जिला खाद्य कंट्रोलर राज रिशी मेहरा ने जंडियाला थाना में अपने ही इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी, तो दूसरी तरफ विभागीय टीमें गठित कर गायब गेहूं का सुराग लगाने का जिम्मा सिविल सप्लाई विभाग के अलग-अलग जिलों में तैनात इंस्पेक्टरों को दे दिया।
एक इंस्पेक्टर ने किया 42 हजार बोरी बरामद करने का दावा
इसी दौरान मूल रूप से फिरोजपुर जिला में तैनात व जांच के लिए अमृतसर जिला पहुंचे विभागीय इंस्पेक्टर गुरजिंदर सिंह ने एक सप्ताह पहले जंडियाला गुरु के गोदामों से गायब हुए गेहूं के स्टाक में से 42 हजार गेहूं की बोरियां बरामद करने का दावा कर सभी को चकित कर दिया। हालांकि इस जांच में छह से ज्यादा इंस्पेक्टर और सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी लगे हुए थे, लेकिन किसी ने भी इसे लेकर अपना मुंह नहीं खोला। इस संबंध में जब इंस्पेक्टर गुरजिंदर सिंह से पूछा गया कि बरामद गेहूं की 42 हजार बोरियां कहां रखी हैं तो उन्होंने बताया कि अभी तो यह बरामदगी कागजों में है, बहुत जल्द इसमें बड़े अधिकारी खुलासा करेंगे।
कागजों में नहीं गोदाम, रखवा दी 18 हजार बोरियां
इस जांच के दौरान ही सामने आया कि जंडियाला गुरु इलाका में डायमंड सैलर नाम से एक गोदाम में 18 हजार बोरी रखी गई थी। जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर ने इन 18 हजार बोरियों की ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन के लाखों रुपये भी अदा किए थे। जब रिकार्ड खंगाला गया तो पता चला कि विभाग ने कभी भी किसी डायमंड सैलर नाम का गोदाम हायर ही नहीं किया था। इस तरह एक तरफ जहां इंस्पेक्टर ने 18 हजार बोरी गेहूं का चूना लगाया, वहीं उक्त बोरियों की ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन के लिए लाखों रुपये भी वसूल लिए।
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